अलवर जिले के माचड़ी गांव से दलित समाज के लोग बड़ी संख्या में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मिलने अलवर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के सार्वजनिक कुएं पर कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है और दलित परिवारों को वहां से पानी भरने नहीं दिया जा रहा। इसी शिकायत को लेकर वे जूली के अलवर स्थित कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी पूरी व्यथा विस्तार से रखी।
टीकाराम जूली ने ग्रामीणों से मुलाकात के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार पर दलितों और गरीबों के प्रति जवाबदेही नहीं निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलितों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही। जूली का कहना था कि प्रशासन और पुलिस तंत्र इस मामले में पूरी तरह निष्क्रिय दिख रहा है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार माचड़ी गांव के सार्वजनिक कुएं पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया है और दलित समाज के लोगों को पानी भरने नहीं दिया जा रहा। जूली ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया, यह कहते हुए कि कब्जा रोकने के बजाय अधिकारियों ने इस कार्रवाई में सहयोग किया। नेता प्रतिपक्ष से मिलने के बाद पीड़ित ग्रामीण मिनी सचिवालय पहुंचे और जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपी। कलेक्टर ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।यह भी पढ़ें- IndiGo flights cancelled: उदयपुर एयरपोर्ट पर हाहाकार, 20 फ्लाइटें हुईं रद्द; दिल्ली-मुंबई रूट के टिकटों में आग
वहीं, टीकाराम जूली ने मांग की कि अवैध कब्जे में शामिल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें निलंबित किया जाए। साथ ही दलित समाज के सार्वजनिक कुएं के उपयोग अधिकार को तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि पानी जैसे मूल संसाधन पर कब्जे को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जूली ने इस मुद्दे पर जिला कलेक्टर से भी बात की और दलितों के अधिकार संरक्षण की मांग दोहराई।
टीकाराम जूली ने ग्रामीणों से मुलाकात के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार पर दलितों और गरीबों के प्रति जवाबदेही नहीं निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलितों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही। जूली का कहना था कि प्रशासन और पुलिस तंत्र इस मामले में पूरी तरह निष्क्रिय दिख रहा है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार माचड़ी गांव के सार्वजनिक कुएं पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया है और दलित समाज के लोगों को पानी भरने नहीं दिया जा रहा। जूली ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया, यह कहते हुए कि कब्जा रोकने के बजाय अधिकारियों ने इस कार्रवाई में सहयोग किया। नेता प्रतिपक्ष से मिलने के बाद पीड़ित ग्रामीण मिनी सचिवालय पहुंचे और जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपी। कलेक्टर ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।यह भी पढ़ें- IndiGo flights cancelled: उदयपुर एयरपोर्ट पर हाहाकार, 20 फ्लाइटें हुईं रद्द; दिल्ली-मुंबई रूट के टिकटों में आग
वहीं, टीकाराम जूली ने मांग की कि अवैध कब्जे में शामिल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें निलंबित किया जाए। साथ ही दलित समाज के सार्वजनिक कुएं के उपयोग अधिकार को तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि पानी जैसे मूल संसाधन पर कब्जे को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जूली ने इस मुद्दे पर जिला कलेक्टर से भी बात की और दलितों के अधिकार संरक्षण की मांग दोहराई।
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