डॉ. दिनेश दत्त और उनकी पत्नी डॉ. सीमा शर्मा ने खुद जोड़े से रक्तदान कर जोधपुर में ‘कपल रक्तदान’ की मुहीम शुरू की। इनके जज्बे को प्रोत्साहित करने जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूरण कुमार शर्मा ने भी ब्लड डोनेट कर आमजन को भी प्रेरित किया।
जोधपुर में बुधवार को एक डॉक्टर दंपती ने अपने जन्मदिन और हॉस्पिटल की वर्षगांठ को केक काटकर नहीं, बल्कि समाज की रगों में जीवन घोलकर मनाया। श्री बालाजी समर्पण संस्थान एवं हॉस्पिटल की 8वीं वर्षगांठ पर आयोजित इस अनूठे ‘कपल रक्तदान शिविर’ में प्रेम, सेवा औ
पत्नी की सेहत जांचने का नायब तरीका
इस अनूठे ‘कपल रक्तदान शिविर’ के पीछे एक गहरी सामाजिक सोच छिपी है। आयोजक डॉ. सीमा शर्मा ने एक कड़वी सच्चाई को उजागर किया-भारतीय महिलाएं पूरे परिवार की सेहत का ख्याल रखती हैं, लेकिन अपनी सेहत को लेकर लापरवाह होती हैं। डॉ. शर्मा ने बताया, “महिलाएं अक्सर अस्पताल जाने से कतराती हैं।
शिविर के दौरान सैंकड़ों महिला-पुरुषों ने अपने सेवा के संकल्प को पूरा करने के लिए रक्तदान किया। इसके लिए दोपहर तक तो लंबी कतार लगी रही।
उन्हें लगता है कि वे बिल्कुल ठीक हैं, जबकि अंदर ही अंदर वे हीमोग्लोबिन की कमी (एनीमिया) से जूझ रही होती हैं। हमने ‘कपल डोनेशन’ की थीम इसलिए रखी ताकि महिलाएं अपने पति के साथ रक्तदान के बहाने यहां आएं। इसी बहाने से उनका पूरा हेल्थ चेकअप हो जाता है, उनका हीमोग्लोबिन टेस्ट होता है और अगर कोई कमी निकलती है, तो हम उन्हें तुरंत सलाह और दवाइयां दे पाते हैं।” इसी उद्देश्य के साथ पिछले चार साल से वे महिलाओं को नि:शुल्क आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां भी उपलब्ध करवा रही हैं।
न्याय की कुर्सी से उठकर मानवता की सेवा में
शिविर का उद्घाटन एक रस्मी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रेरणा का स्रोत बना। उद्घाटन करने पहुंचे जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूरण कुमार शर्मा ने केवल फीता नहीं काटा, बल्कि खुद रक्तदान कर यह साबित किया कि समाज सेवा में पद नहीं, इच्छाशक्ति मायने रखती है। एक न्यायाधीश को रक्तदान करता देख वहां मौजूद युवाओं और आम नागरिकों में गजब का उत्साह देखने को मिला।
शिविर का शुभारंभ आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के कुलगुरु गोविंद सहाय शुक्ला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश शर्मा और शहर विधायक अतुल भंसाली ने किया। इस मुहिम से जुड़ते हुए समाज सेवी महेश शारडा, डॉ. दिनेश दत्त शर्मा, प्रसिद्ध कवि डॉ. राम अकेला और डॉ. गीतू सिंह, तथा डॉ. मोनिस खांडल ने भी अपनी पत्नियों के साथ रक्तदान किया।

सुबह शुरू हुए शिविर के समापन तक 312 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। जो किसी जरुरतमंद की जान बचाने के काम आएगा।
312 यूनिट रक्त: सैकड़ों जिंदगियों को जीवनदान
सुबह से शुरू हुए इस शिविर में देर शाम तक रक्तदाताओं का तांता लगा रहा। कुल 312 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। आंकड़ों के अनुसार, इसमें 212 पुरुष और 40 महिलाएं शामिल थीं। विशेष रूप से 30 जोड़ों का एक साथ रक्तदान करना शिविर का मुख्य आकर्षण रहा। इस दौरान महापौर (उत्तर) कुंती देवड़ा, शिक्षाविद निर्मल गहलोत, स्टेट जीएसटी कमिश्नर पीयूष दाधीच और जेडीए की डिप्टी सेक्रेटरी कंचन राठौड़ जैसी हस्तियां भी रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने पहुंचीं।
विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ संग्रह
रक्तदान से पहले सभी डोनर्स की गहन स्वास्थ्य जांच की गई। डॉ. सीमा शर्मा ने बताया कि शिविर में आईं महिलाओं को न केवल डाइटरी सलाह दी गई, बल्कि उन्हें हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित भी किया गया। कुलगुरु वैद्य शुक्ला ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने वाला कदम बताया।
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