जिले में कोल माफिया के हौंसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा सोहागपुर थाना क्षेत्र के खितौली बीट में हुई ताजा घटना से लगाया जा सकता है। वन भूमि से अवैध कोयला उत्खनन की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर माफियाओं ने हमला बोल दिया। इस हमले में शहडोल रेंजर रामनरेश विश्वकर्मा सहित एक अन्य वन कर्मी को मामूली चोटें आई हैं। घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया था।
ट्रैक्टर-ट्रॉली हो रहा था परिवहन
वन विभाग के अनुसार बुधवार रात ग्राम उमरटोला के ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी कि घोड़सूनाला क्षेत्र से अवैध कोयला निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कोयले से भरी एक ट्रॉली को गांव में रोक लिया था। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही माफिया ट्रॉली से कोयला उमरटोला स्कूल के पास सड़क पर डंप कर फरार हो गए।
रेंजर को गाड़ी से उतार कर पीटा
ग्रामीणों के अनुसार माफियाओं ने गाली-गलौज और मारपीट करते हुए ट्रैक्टर लेकर बरखेड़ा गांव की ओर भाग निकले। सूचना मिलने पर रेंजर रामनरेश विश्वकर्मा डॉग स्क्वॉड टीम के साथ बरखेड़ा पहुंचे। आरोप है कि वहां चिंटू सिंह परिहार, बिट्टन, महेश सहित 10-12 लोगों ने उन्हें वाहन से उतारकर मारपीट की और उनकी शर्ट फाड़ दी। इस दौरान डीएफओ श्रद्धा पेड्रो भी घटना स्थल के आसपास मौजूद थीं, लेकिन उनका वाहन आगे निकल गया और रेंजर का वाहन रोककर हमला किया गया। रेंजर के सामने डीएफओ पर माफियाओं ने आपत्तिजनक शब्द भी कहे है।
पुलिस माफियाओं को बचा रही
डीएफओ श्रद्धा पेड्रो ने बताया कि अवैध खनन की सूचना मिलते ही टीम भेजी गई थी और वह स्वयं भी मौके के लिए रवाना हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन कर्मियों के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। डीएफओ ने कहा कि शिकायत लेकर कर्मचारी सोहागपुर थाने पहुंचे, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उनका आरोप है कि पुलिस माफियाओं को बचाने का प्रयास कर रही है। डीएफओ ने यह भी बताया कि उन्होंने एडिशनल एसपी को लगभग सात बार फोन किया, लेकिन केवल एक बार ही बात हो सकी और उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
टीआई बोले
वहीं, सोहागपुर थाना प्रभारी अरुण पांडे का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़ितों को बयान के लिए बुलाया गया है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने दी एस पी की लिखित शिकायत
खेतौली के ग्रामीणों का कहना है कि दिन रात लगभग 10 ट्रैक्टर कोयला लोड कर गांव की सड़क से माफिया परिहवन करते है। जिसका ग्रामीणों ने विरोध कई बार किया है। स्थानिक ग्रामीण प्रसादी सिंह ने कहा कि गांव की सड़क पर छोटे-छोटे बच्चे खेलते हैं। कई बार माफियाओं को मना किया, लेकिन वह मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। कल बुधवार रात तेज रफ्तार में ट्रैक्टर कोयला लेकर जा रहा था, जिसे हमने रोका था चालक ने अपने मालिक को बुला लिया फिर माफिया आ गए,और विवाद करने लगे। पुलिस आई नहीं वन विभाग की टीम आई लेकिन उसके पहले ही माफिया भाग गए। उन्होंने आगे कहा कि हमने मामले की शिकायत गुरुवार को कलेक्टर और एस पी से लिखित रूप में की है ।और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है।
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