क्या होनी चाहिए योग्यता
बागेश्वर के शिक्षक डॉ. संजय कुमार टम्टा ने लोकल 18 को बताया कि सबसे पहले अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना जरूरी है. इसके साथ ही प्रारंभिक शिक्षा में दो वर्षीय D.El.Ed प्रमाण पत्र होना चाहिए, बिना इन योग्यताओं के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए UTET-I या CTET-I परीक्षा पास होना अनिवार्य है. बिना TET उत्तीर्ण किए कोई भी अभ्यर्थी आवेदन के योग्य नहीं माना जाएगा. इसलिए पहले TET परीक्षा की तैयारी पूरी करें.
उम्र सीमा
अभ्यर्थी के पास उत्तराखंड का स्थाई निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए. राज्य के सेवायोजन में आवेदन की अंतिम तिथि तक पंजीकरण होना जरूरी है. बिना पंजीकरण के फॉर्म स्वीकार नहीं होगा. प्राइमरी शिक्षक भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित है. हालांकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाती है.
कैसे होती है भर्ती
भर्ती प्रक्रिया आमतौर पर जिलेवार निकाली जाती है. चयन मेरिट सूची के आधार पर होता है, जिसमें TET के अंक और शैक्षिक योग्यता के अंक शामिल किए जाते हैं. दस्तावेज सत्यापन के बाद ही अंतिम चयन किया जाता है. अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर स्कूल शिक्षा विभाग, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती से जुड़ी ताजा जानकारी जरूर चेक करते रहें. सही जानकारी और समय पर तैयारी ही सफलता की कुंजी है.
क्या होती है सैलरी
प्राइमरी टीचर बनना एक प्रतिष्ठित और संतोषजनक करियर है, जो नौकरी की स्थिरता, अच्छे वेतन, बच्चों के साथ काम करने की खुशी को बढ़ावा देता है. सरकारी स्कूलों में ₹35,000 – ₹80,000 प्रति माह का वेतन, पेंशन, और सम्मानजनक कार्य जीवन संतुलन इसके मुख्य फायदे हैं. कार्य-जीवन संतुलन की सुविधा मिल जाती है. अन्य कॉर्पोरेट नौकरियों की तुलना में, स्कूल के समय के कारण काम के घंटे निश्चित होते हैं, जिससे व्यक्तिगत जीवन के लिए पर्याप्त समय मिलता है.
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