सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि इन मॉडल स्वास्थ्य केंद्रों के विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी. प्रसव, ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा. यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में प्रयास है.
छपरा के ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर होगी. यहां अब मॉडल स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे. ये केंद्र सिर्फ फूल पत्तियों से ही सुसज्जित नहीं होंगे बल्कि यहां लोगों के बेहतर इलाज के लिए कई तरह की सुविधाएं बढ़ेंगी. जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री सात निश्चय–पार्ट 3 योजना के तहत सारण जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को मॉडल स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.

मॉडल बनाने के लिए कुछ अस्पताल को चिन्हित भी किया गया है. प्रथम चरण में दरियापुर, दिघवारा, अमनौर, मांझी और परसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया गया है. इन सीएचसी को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर इस तरह विकसित किया जाएगा कि अब गंभीर बीमारियों के इलाज और बड़े ऑपरेशन के लिए मरीजों को जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की ओर रुख न करना पड़े.

जिले के ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी व्यवस्था को देखते हुए अब सरकारी अस्पताल में इलाज करना मुनासिब समझा रहे हैं. गांव और प्रखंड स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों रहीं हैं. इसके साथ ही प्रसूति शल्य कक्ष (मातृ एवं स्त्री रोग ऑपरेशन थिएटर) को भी मॉडल स्वरूप दिया जाएगा.
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योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय पदाधिकारी चयनित अस्पतालों का गैप असेस्मेंट कर रहे हैं. इसके तहत अस्पतालों में उपलब्ध भवन, चिकित्सा उपकरण, विशेषज्ञ चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ और अन्य संसाधनों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है. आकलन के बाद जो भी कमी पाई जाएगी, उसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा. आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित मेडिकल कर्मियों की पदस्थापना सुनिश्चित की जाएगी.

जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री सात निश्चय–पार्ट 3 योजना के अंतर्गत चयनित सीएचसी में प्रसव कक्ष, मातृ एवं स्त्री रोग ऑपरेशन थिएटर, जनरल और इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर को अत्याधुनिक बनाया जाएगा. लेबर रूम में ऑटोक्लेव, शैडोलेस लैंप, एलईडी स्पॉट लाइट, सक्शन मशीन, सिरिंज पंप, फीटल डॉप्लर, फोटोथेरेपी यूनिट, रेडिएंट वार्मर, मल्टी पैरामीटर मॉनिटर, एलडीआर बेड, क्रैश कार्ट सहित सभी आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे. इससे सुरक्षित प्रसव के साथ नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल संभव हो सकेगी.

स्त्री रोग और जनरल ओटी में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं: मातृ एवं स्त्री रोग ऑपरेशन थिएटर में एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, हाइड्रोलिक ऑपरेशन टेबल, डिफिब्रिलेटर, इलेक्ट्रो कॉटरी मशीन, ब्लड वार्मर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, हिस्टेरोस्कोपी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. जनरल और इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर में सभी आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी इलाज किया जा सके. ग्रामीण मरीजों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा.
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