Wheat Cultivation, Irrigation Importance: गेहूं की खेती से बढ़िया मुनाफा पाना है तो ये वैरायटी बोना अच्छा रहता है. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि अच्छे उत्पादन के लिए ज्यादा और समय पर सिंचाई जरूरी है.
झारखंड में सिंचाई एक बड़ी समस्या
उन्होंने कहा कि झारखंड क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा का अभाव एक बड़ी समस्या है, जिसके कारण किसान अपेक्षित उत्पादन नहीं ले पाते. ऐसे में अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों का चयन और सही सिंचाई प्रबंधन किसानों के लिए बेहद जरूरी हो जाता है. DBW187, DBW39, बिरसा गेहूं-3, K1006, K9107, HD3226 और WH1270 जैसी किस्में इस क्षेत्र के लिए उपयुक्त मानी गई हैं, जो सामान्य किस्मों की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत तक अधिक उत्पादन देती हैं.
ये किस्में देती हैं अच्छा उत्पादन
ये सभी किस्में लंबी अवधि की होती हैं और 130 से 140 दिनों में फसल तैयार होती है. अगर किसान अक्टूबर से नवंबर के बीच इन किस्मों की बुआई करते हैं, तो फसल समय पर तैयार हो जाती है. अनुकूल परिस्थितियों में किसान इन किस्मों से 25 से 30 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन पा सकते हैं. लेकिन इसके लिए सिंचाई का सही समय और संख्या बेहद महत्वपूर्ण है.
सिंचाई का नियम जरूरी
गेहूं की अधिक उपज के लिए कम-से-कम पांच बार सिंचाई करना जरूरी माना जाता है. पहली सिंचाई बुआई के करीब 20 से 25 दिन बाद की जाती है, जब खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए. यह सिंचाई पौधों की शुरुआती बढ़वार के लिए सबसे अहम होती है. दूसरी सिंचाई कल्ले निकलने की अवस्था में करनी चाहिए, जिससे पौधे मजबूत बनते हैं और बालियों की संख्या बढ़ती है.
कब हो तीसरी, चौथी सिंचाई
तीसरी सिंचाई गांठ बनने की अवस्था में, चौथी सिंचाई फूल आने के समय और पांचवीं सिंचाई दाना भरने की अवस्था में करनी चाहिए. इन पांचों सिंचाइयों में किसी भी स्तर पर लापरवाही करने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. खासकर फूल और दाना बनने के समय नमी की कमी होने पर पैदावार काफी घट जाती है.
कुल मिलाकर, झारखंड और बिहार के किसानों के लिए गेहूं की खेती में अधिक उत्पादन पाने के लिए उन्नत किस्मों के साथ-साथ समय पर और संतुलित सिंचाई बेहद जरूरी है. अगर किसान वैज्ञानिक सलाह के अनुसार सिंचाई करें, तो सीमित संसाधनों में भी बेहतर उपज और अच्छा मुनाफा हासिल किया जा सकता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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