सचिन पायलट ने कहा कि जिस तरह से जिला, तहसील और क्षेत्रीय सीमाओं में बदलाव किए जा रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। ये बदलाव बिना जनता और जनप्रतिनिधियों से संवाद किए, केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से किए जा रहे हैं। न तो जनसंवाद हुआ और न ही चुने हुए प्रतिनिधियों से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि दबाव में और गलत प्रक्रिया से कार्रवाई की जा रही है।
सीमाओं में बदलाव किसके लिए: पायलट
पायलट ने कहा कि यदि जनता की मांग हो, आयोग बैठे या सीमाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाए, तो यह अलग बात है। लेकिन बिना संवाद और चर्चा के सीमाओं में तोड़फोड़ करने से लोगों के मन में सवाल उठते हैं कि यह फैसला किसके लाभ और किसके नुकसान के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी नागरिक समान हैं और किसी दल, व्यक्ति या विचारधारा का प्रभाव इस प्रक्रिया पर नहीं होना चाहिए। हेमाराम चौधरी द्वारा उठाया गया मुद्दा गंभीर है और इस पर पूरे प्रदेश में समान मापदंड के तहत पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए।
सोनिया गांधी की पहल पर बना था मनरेगा
सचिन पायलट ने कहा कि मनरेगा कानून सोनिया गांधी की पहल पर बना था, जिससे हर नागरिक को 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित हुआ। पहले रोजगार मनमाने ढंग से दिया जाता था, लेकिन इस कानून ने गरीबों को अधिकार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने मनरेगा को कांग्रेस की भूल बताया और बीते 11 वर्षों में इसे धीरे-धीरे कमजोर किया गया। पायलट ने कहा कि अब मनरेगा का स्वरूप बदलकर इसे खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। पहले गांवों में तय होता था कि कौन सा काम होगा, अब फैसले राजधानी से लिए जा रहे हैं। बजट की सीमाएं और केंद्र-राज्य फंडिंग अनुपात को बिगाड़कर गरीबों के सहारे छीने जा रहे हैं।
केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग
सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। बीते 11 वर्षों में ईडी की 96 प्रतिशत कार्रवाई विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई है। एजेंसियों का राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि सत्ता और धन का दुरुपयोग कब तक सहन किया जा सकता है।
पंचायत और स्थानीय चुनाव न कराए जाने पर नाराजगी
पायलट ने आरोप लगाया कि पंचायत, नगर पालिका और नगर परिषद के चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं क्योंकि सरकार जनता के फैसले से डरती है। प्रदेश में भाजपा सरकार के दो साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन ऐसा कोई ठोस काम नहीं हुआ जिसे जनता के हित में बताया जा सके। कानून-व्यवस्था बिगड़ी हुई है, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य ठप हैं और सत्ता का संचालन दिल्ली से हो रहा है।
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जय राम जी पर टिप्पणी
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा पूछे जाने पर कि कांग्रेस को राम जी से तकलीफ क्यों है, पायलट ने कहा, ‘आपने मेरे भाषण सुने होंगे, मैं बात शुरू करने और खत्म करने के दौरान सबसे ज्यादा ‘जय राम जी’ बोलता हूं।’
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