भरतपुर जिले के रुदावल थाना क्षेत्र के जोतरौली गांव में मंगलवार देर शाम एक भयानक हादसा हुआ, जब 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन टूटकर गांव की कॉलोनी पर गिर गई। इस अप्रत्याशित घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और करीब 20 लोग करंट की चपेट में आकर झुलस गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। सभी को रुदावल अस्पताल और भरतपुर के जिला आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
ग्रामीण कप्तान सिंह ने बताया कि हादसे के समय अधिकांश लोग घरों में खाना खा रहे थे। अचानक तेज धमाके के साथ 11 हजार केवी की विद्युत लाइन टूटकर कॉलोनी पर गिर गई। तार गिरते ही कई घरों में शॉर्ट सर्किट और विस्फोट होने लगे, जिससे लोग घबराकर बाहर की ओर भागे। बाहर निकलते ही कई ग्रामीण बिजली के तारों और करंट की चपेट में आ गए।
घटना में कई लोग बुरी तरह झुलस गए। ग्रामीणों की मदद से घायलों को तुरंत रुदावल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला आरबीएम अस्पताल, भरतपुर रेफर किया गया। आरबीएम अस्पताल के आईसीयू में कुछ गंभीर घायलों को भर्ती किया गया है।
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अस्पताल में भर्ती घायलों में 35 वर्षीय शारदा, 60 वर्षीय ओमवती, 28 वर्षीय नीतू और ढाई साल का एक मासूम बच्चा शामिल हैं। इसके अलावा करीब पांच अन्य घायलों का इलाज रुदावल अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, विद्युत विभाग की टीम और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। जिला आरबीएम अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. नागेन्द्र सिंह भदौरिया भी अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उन्हें बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया।
कप्तान सिंह ने बताया, “हम सभी लोग घरों में खाना खा रहे थे, तभी जोरदार धमाका हुआ। घरों के अंदर बिजली की चिंगारियां और विस्फोट होने लगे। लोग जान बचाने के लिए बाहर भागे, लेकिन बाहर भी हाईटेंशन लाइन गिरी हुई थी, जिससे कई लोग करंट की चपेट में आ गए।” ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जर्जर तार और समय पर मरम्मत न होने के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। वहीं, प्रशासन मामले की गहन जांच कर रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में विद्युत आपूर्ति को बंद कर दिया गया है और हालात को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।
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