How to Protect Crops from Frost: भरतपुर में शीतलहर और पाले से फसलों को बचाने के लिए कृषि विभाग ने एडवायजरी जारी की है. उप निदेशक जनक राज मीना ने हल्की सिंचाई. गंधक के छिड़काव और लो-टनल तकनीक अपनाने पर जोर दिया है. प्रभावित फसलों को ग्लूकोज और एनपीके के घोल से दोबारा जीवन दिया जा सकता है.
उप निदेशक उद्यान जनक राज मीना ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही पाला पड़ने की आशंका बने. फसलों में तुरंत हल्की सिंचाई करनी चाहिए. हल्की सिंचाई से खेत की मिट्टी का तापमान संतुलित रहता है और पाले का प्रभाव पौधों पर कम पड़ता है. इसके अलावा उद्यानिकी फसलों (सब्जी और फल) के लिए लो-टनल तकनीक का उपयोग किया जा सकता है. किसान खेत की उत्तर-पश्चिम दिशा में घास-फूस या वायुरोधी टाटिया लगाकर ठंडी बर्फीली हवाओं के प्रवेश को रोक सकते हैं. रात के समय खेत की मेड़ पर धुआं करना भी एक प्रभावी पारंपरिक तरीका है.
रसायनिक और पोषक तत्वों का प्रबंधन
उद्यानिकी विभाग ने फसलों की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के लिए दवाओं के छिड़काव की सलाह दी है. किसान घुलनशील गंधक (Sulfur) का 0.2 प्रतिशत घोल (2 ग्राम प्रति लीटर पानी) बनाकर छिड़काव कर सकते हैं. विकल्प के तौर पर थायो यूरिया का आधा ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर प्रयोग करना भी पाले से सुरक्षा देता है. यदि फसल पर पाले के प्रभाव के लक्षण दिखने लगें. तो तुरंत 25 से 30 ग्राम ग्लूकोज को 15 लीटर पानी में मिलाकर खड़ी फसल पर छिड़कें. इससे पौधों को तत्काल ऊर्जा मिलती है.
फसल को दोबारा ताकत देने का फॉर्मूला
पाले से प्रभावित फसलों को उबारने के लिए विभाग ने विशेष उर्वरक प्रबंधन बताया है. इसके तहत एनपीके (NPK) उर्वरक जैसे 18:18:18. 19:19:19 या 20:20:20 में से किसी एक की 100 ग्राम मात्रा को 25 ग्राम माइक्रोन्यूट्रिएंट के साथ 15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. इससे फसल को दोबारा पोषण मिलता है और नुकसान की भरपाई संभव होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि जब तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाए और आसमान साफ हो. तब पाला पड़ने का खतरा सबसे अधिक होता है. किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है.
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Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
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