मृतका रुपिंदर कौर का फाइल फोटो।
गुरदासपुर जिले में बटाला के पास काला कालावाली गांव की एक महिला की सिविल अस्पताल में प्रसव के दौरान मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इंसाफ की मांग को लेकर परिवार ने मृतका का शव बटाला के गांधी चौक में रखकर विरोध प
परिवार के अनुसार, रुपिंदर कौर नाम की महिला को प्रसव के लिए 1 जनवरी को कस्बा कादियां के सरकारी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान अचानक ऑपरेशन थिएटर की लाइट चली गई। अस्पताल में जनरेटर का कोई प्रबंध नहीं था, जिसके बाद डॉक्टरों ने मोबाइल फोन की रोशनी में प्रसव कराया। जिसके बाद से रुपिंदर कौर अस्पताल में ही भर्ती रही।
बटाला में सड़क पर धरना देकर बैठी महिलाएं।
संक्रमण फैलने से बिगड़ी तबीयत
परिवार का दावा है कि इस अव्यवस्था के कारण इलाज में लापरवाही हुई और महिला को संक्रमण हो गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई। अस्पताल प्रशासन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने परिवार को महिला की बिगड़ती हालत के बारे में गलत जानकारी दी और केवल ग्लूकोज लगाकर रखा।
8 दिन तक अस्पताल में भर्ती महिला की हालत देर रात ज्यादा खराब हो गई, तो उसे हायर सेंट रेफर कर दिया गया। परिजन उसे अमृतसर लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
परिजन बोले- डॉक्टरों ने नहीं बताया मौत का कारण
परिवार ने डॉक्टरों की लापरवाही को मौत का कारण बताया और कहा कि यदि अस्पताल में उचित प्रबंध होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। प्रदर्शनकारियों ने बटाला के गांधी चौक में शव रखकर अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
सूचना मिलने पर डीएसपी सिटी सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से बातचीत की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
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