Exam tips for class-10 board : बस्तर में 10वीं बोर्ड की संस्कृत तैयारी पर मालती पोर्ते ने फार्मूले बताए, व्याकरण, निबंध, पत्र-लेखन और टाइम-टेबल से पढ़ाई पर जोर दिया, जिससे विद्यार्थी अच्छे अंक ला सकते हैं.
मूल रूप से सरल और स्कोरिंग विषय
संस्कृत शिक्षिका मालती पोर्ते बताती हैं कि विद्यार्थियों को संस्कृत से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह मूल रूप से सरल और स्कोरिंग विषय है. यदि छात्र मन लगाकर और बिना तनाव के पढ़ाई करें तो अच्छे अंक आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.उन्होंने कहा कि सबसे पहले गद्यांश को अच्छी तरह समझकर पढ़ना चाहिए. इसके बाद श्लोकों को लिख-लिखकर अभ्यास करने से वे जल्दी याद हो जाते हैं.
विद्यार्थियों को व्याकरण पर विशेष ध्यान
उन्होंने बताया कि संस्कृत में सबसे अधिक अंक व्याकरण से आते हैं, इसलिए विद्यार्थियों को व्याकरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए. खासतौर पर हलंत और विसर्ग में छात्र अक्सर गलती करते हैं, जिससे अंक कट जाते हैं. इसके लिए शब्द रूप, धातु रूप और संधि-समास का नियमित अभ्यास आवश्यक है. मालती पोर्ते के अनुसार परीक्षा में निबंध और पत्र-लेखन भी महत्वपूर्ण होते हैं. निबंध में सदाचार, कालिदास जैसे विषय पूछे जाते हैं, वहीं पत्र-लेखन में शुल्क मुक्ति, स्थानांतरण प्रमाण-पत्र और अवकाश आवेदन जैसे पत्र आते हैं. इसलिए इनकी अच्छी तैयारी करनी चाहिए.
टाइम-टेबल बनाकर पढ़ाई करें
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे टाइम-टेबल बनाकर पढ़ाई करें और पुस्तक में दिए गए ब्लूप्रिंट के अनुसार तैयारी करें. इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि किस पाठ से कितने अंक के प्रश्न आएंगे. संस्कृत के प्रश्न-पत्र में संधि-समास से 2 -2अंक, निबंध 6 अंक और पत्र-लेखन 4 अंक का आता है. शिक्षिका ने बताया कि यदि कोई कमजोर छात्र भी है और पास होने में कठिनाई महसूस कर रहा है, तो उसे कम से कम निबंध, पत्र लेखन, दो श्लोक और ऑब्जेक्टिव प्रश्न याद कर लेने चाहिए.इससे 25 से अधिक अंक लाकर पास हो सकते है.
About the Author
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.