यूजीसी के नए नियम और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने न्यूज18 से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि काफी समय से और वर्तमान समय में सरकार सवर्ण विरोधी काम कर रही है.
यूजीसी के नए नियम को बताया सर्वण विरोधी
इसके अलावा उन्होंने कहा कि 13 जनवरी को जो यूजीसी रेगुलेशन बिल लाया गया है, उसमें स्वर्ण समाज के बच्चों को स्वघोषित अपराधी मान लिया गया है, कोई भी सर्वण समाज के बच्चों पर या लोगों पर आरोप लगा देगा और उसका शोषण होता रहेगा. समिति उसपर तुरंत एक्शन लेगी. ऐसे में बहुत से बच्चे बलात्कार का शिकार भी होंगे और आत्महत्या करने के लिए भी मजबूर होंगे. क्या हम अपने बच्चों को आत्महत्या के लिए प्रेरित करेंगे. ब्राह्मण समाज ने स्पष्ट रूप से कहा कि जहां पर खड़े हैं, वहां से इस्तीफा तुरंत दे दीजिए और समाज के साथ खड़े हो जाइए. प्रशासनिक अधिकारी वह अभिभावक के रूप में आए थे.
चुनाव लड़ने के सवाल पर क्या बोले अलंकार अग्निहोत्री
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में बड़ी मेहनत से लोग सिलेक्ट होते हैं. लेकिन जब कोई पीड़ित होकर निकलता है तो बहुत तकलीफ होती है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यहां पर तमाम सर्वण समाज के लोग हैं, अन्य जिलों से भी आए हैं और अन्य राज्यों से भी आ रहे हैं. सब मिलकर बैठकर आगे कोई निर्णय लेंगे. चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह हमारा समाज तय करेगा.
अलंकार अग्निहोत्री के घर जुटे ब्राह्मण समाज के लोग
बरेली में वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी और बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा देने के बाद अब नया मोड़ आ गया है. उनके सरकारी आवास पर बड़ी तादाद में ब्राह्मण समाज के लोग पहुंच रहे हैं. इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने न्यूज़ 18 संवाददाता रामविलास सक्सेना से खास बातचीत की, जिसमें अलंकार अग्निहोत्री ने राजनीति में जाने के संकेत दिए हैं. अलंकार अग्निहोत्री ने बातचीत के दौरान कहा है कि उन्होंने बेहद ही सोच समझकर इस्तीफा देने का कदम उठाया है और अब अगला कदम उनका समाज तय करेगा कि उन्हें क्या करना है ? वहीं दूसरी ओर अलंकार अग्निहोत्री के सरकारी आवास पर पहुंचे तमाम ब्राह्मण संगठनों के कार्यकर्ताओं में एक कार्यकर्ता ने अपने कपड़े उतार कर केंद्र और राज्य सरकार विरोधी नारे लगाए हैं.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें
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