अशोकनगर जिले के मुंगावली और बहादुरपुर सहित अन्य क्षेत्रों के 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करा लिया गया है। स्थानीय पुलिस ने महाराष्ट्र पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी मजदूरों को गुरुवार को वापस लाया।
ये मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के बासी थाना क्षेत्र के गिरोली गांव में बंधक बनाए गए थे। उन्हें न तो मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था और न ही उन्हें अपने घर लौटने दिया जा रहा था। उनके परिजनों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी।
जब मजदूरों के परिजनों का संपर्क टूट गया, तो उन्होंने मुंगावली विधायक से संपर्क किया, जिसके बाद यह जानकारी पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा तक पहुंची। एसपी मिश्रा ने थाना प्रभारी मुंगावली अरविंद सिंह कछुवाह और सहराई थाना प्रभारी नीलम सिंह यादव को मजदूरों को वापस लाने के लिए एक टीम भेजने के निर्देश दिए।
पुलिस ने खाने का इंतजाम किया, किराया दिया सोमवार को मुंगावली से एएसआई राम सिंह नंदया और बहादुरपुर से आरक्षक उपेंद्र सिंह महाराष्ट्र के लिए रवाना हुए। उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया और मजदूरों तक पहुंचे। पुलिस को पता चला कि किसी भी मजदूर के पास पैसे या खाने का सामान नहीं था। डरा-धमकाकर वापस लाए।
पुलिस ने स्वयं खाने का इंतजाम किया और कुछ दूरी तक के लिए एक पिकअप वाहन किराए पर लिया। इसके बाद, ट्रेन के टिकट भी पुलिस ने खुद ही खरीदे। इन मजदूरों को वापस लाने में पुलिस को तीन दिन का समय लगा। गुरुवार सुबह सभी मजदूर बहादुरपुर पहुंचे, जहां से उन्हें सकुशल उनके घरों तक पहुंचाया गया।
500 रुपए प्रतिदिन मजदूरी देने का वादा किया था जानकारी के अनुसार, ये मजदूर रिजवान नामक व्यक्ति के माध्यम से महाराष्ट्र गए थे। दरअसल, बेलई, तेवरिया, बरवटपुरा थाना दीपनाखेड़ी, सरसैरा, खिरका सहित कई गांवों के कुल 80 लोग महाराष्ट्र में गन्ना कटाई के लिए गए थे। उन्हें प्रतिदिन 500 रुपए मजदूरी देने का वादा किया गया था।
पहले भी, परिवार के लोगों का संपर्क टूटने पर उन्होंने मुंगावली विधायक से संपर्क किया था, जिसके बाद एसपी तक बात पहुंची थी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से 40 लोगों को पहले ही मुक्त करा लिया गया था, जो कुछ दिनों पहले वापस आ गए थे।
36 लोग वही पर बंधक बन गए थे। पुलिस के प्रयास से वह लोग भी वापस आ गए हैं। 36 में से महिला पुरुष व बच्चे थे। इस मामले की जानकारी एसडीओपी सनम बी खान, एवं मुंगावली थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि उन लोगों का जो रिजवान पैसा लेकर आया है उसके बारे में पता लगा रहे हैं मजदूरों के पैसे जल्द वापस दिलाए जाएंगे।
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