अररिया जिला प्रशासन ने बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने और इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक ‘जन जागरूकता रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। यह पहल जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन और जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज के संयुक्त तत्वावधान में की गई है। समाहरणालय परिसर से उप विकास आयुक्त रोजी कुमारी, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई शंभु कुमार रजक और जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस कविता कुमारी ने संयुक्त रूप से रथ को रवाना किया। जिला पदाधिकारी अररिया के निर्देश पर शुरू किया गया यह अभियान जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाएगा।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त रोजी कुमारी ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सभी से सजग रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने और समाज के हर वर्ग से मिलकर इस कुप्रथा को रोकने की अपील की। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कविता कुमारी ने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं बाल विवाह होने की सूचना मिले तो तुरंत चाइल्डलाइन हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचित करें। उन्होंने इसे हर नागरिक का कर्तव्य बताया। सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई शंभु कुमार रजक ने जोर देकर कहा कि बाल विवाह की रोकथाम केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया। जागरण कल्याण भारती के संजय कुमार ने बताया कि यह रथ यात्रा 8 मार्च तक चलेगी। अभियान के दौरान बाल विवाह के दुष्परिणामों, बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। बाल विवाह की सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर उपलब्ध हैं: चाइल्डलाइन 1098, बचपन बचाओ आंदोलन 1800-102-7222 और पुलिस हेल्पलाइन 112। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय के रिपोर्ट कर सकें। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने तथा बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की है।
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