नायब सूबेदार प्रगट सिंह की फाइल फोटो।
अमृतसर जिले के रामदास के रहने वाले नायब सूबेदार प्रगट सिंह(31) जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर आज दोपहर बाद हवाई मार्ग से श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा राजासांसी पहुंचेगा।
वहां से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव रामदास ले जाया जाएगा, जहां लोग अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शहीद का अंतिम संस्कार कल पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। हालांकि प्रगट सिंह शहीद कैसे हुए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में तैनात थे
जानकारी के अनुसार, नायब सूबेदार प्रगट सिंह ने 23 दिसंबर 2015 को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। बीते करीब नौ वर्षों से वे लगातार चुनौतीपूर्ण इलाकों में तैनात रहकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे थे।
वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में थी। भारतीय सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट में सेवाएं दे रहे थे। प्रगट सिंह की शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव रामदास सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
दो छोटे बच्चों को छोड़ गए
शहीद प्रगट सिंह अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई शहीद के बलिदान को नमन कर रहा है।
शहीद की शहादत पर राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि प्रगट सिंह ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। देश उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा।
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