इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. छात्रा की मौत के मामले में चार सहपाठियों और एक प्रोफेसर पर आरोप लगाए गए हैं. हालांकि, जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है और इसे लेकर किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
मृतका के परिवार को जांच में शामिल किया गया
जिला कांगड़ा के एएसपी बीर बहादुर ने बताया कि मृतका के परिवार को जांच में शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि छात्रा के घर से मिले दस्तावेजों और मोबाइल फोन को सीज किया गया है, ताकि मौत के कारणों की जांच में मदद मिल सके. पुलिस की टीमें उन सभी अस्पतालों से मेडिकल रिकॉर्ड जुटा रही हैं, जहां छात्रा का इलाज हुआ था.
प्रोफेसर से हो रही है पूछताछ
एएसपी के अनुसार, मेडिकल हिस्ट्री मिलने के बाद मेडिकल ऑफिसर और मेडिकल बोर्ड की राय के आधार पर ही पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी. उन्होंने बताया कि छात्रा द्वारा प्रोफेसर पर लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित प्रोफेसर से लगातार पूछताछ की जा रही है. जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि रैगिंग को लेकर कॉलेज प्रशासन के पास न तो कोई लिखित शिकायत दर्ज हुई थी और न ही इस तरह की कोई आंतरिक जांच सामने आई है. इसके बावजूद पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है.
छात्रा मौत मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग
उधर, प्रदेश सरकार से छात्रा की मौत मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग उठी है. पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार को सलाह देते हुए कहा कि इस मामले में जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
जयराम ठाकुर ने नालागढ़ धमाके का मुद्दा भी उठाते हुए प्रदेश सरकार को घेरा और कहा कि इस तरह की घटनाओं से प्रदेश में अशांति का माहौल दिखाई दे रहा है.
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