प्रयोग के तौर पर की गई खेती जानिए
किसान विवेक गोस्वामी ने लोकल 18 को बताया कि उन्होंने पत्ता गोभी की खेती किसी बड़े या व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं की थी. यह पूरी तरह एक प्रयोग था. नर्सरी से उन्होंने केवल एक ट्रे, यानी लगभग 100 पौधे मंगाए और उन्हें खेत के उस हिस्से में लगाया, जहां पहले से गोबर खाद डंप की हुई थी.
गोबर खाद वाले खेत में दिखा चमत्कारी असर
जिस स्थान पर पत्ता गोभी लगाई गई थी, वहां गोबर खाद पहले से मौजूद थी, जिसे वे आमतौर पर पूरे खेत में उपयोग करते हैं. इसी गोबर खाद वाले क्षेत्र में पत्ता गोभी के साथ-साथ अन्य सब्ज़ियां भी लगाई गईं. परिणाम देखकर किसान खुद हैरान हैं- पौधों की बढ़वार, पत्तों का रंग और फसल की सेहत हर स्तर पर बेहतरीन नजर आ रही है.
पौधे का आकार और वजन बना चर्चा का विषय
विवेक गोस्वामी ने बताया कि गोबर खाद से उगाई गई पत्ता गोभी का एक पौधा डेढ़ फीट से अधिक रेडियस में फैल चुका है. वर्तमान में उसका वजन लगभग पौन किलो हो गया है. उनका अनुमान है कि यदि इसे 10 दिन और खेत में छोड़ा जाए, तो इसका वजन डेढ़ किलो तक पहुंच सकता है.
रासायनिक खाद से बेहतर निकला जैविक उत्पादन
किसान का कहना है कि गोबर खाद से मिलने वाला उत्पादन रासायनिक खाद की तुलना में कहीं बेहतर है. आमतौर पर जो पोषक तत्व 19-19, 0-52, 34 या 00-50 जैसी रासायनिक खादों से दिए जाते हैं, वे सभी प्राकृतिक रूप से गोबर खाद में मौजूद होते हैं. इसी वजह से पौधों की बढ़वार संतुलित और प्राकृतिक रूप से मजबूत हो रही है.
बिना कीटनाशक के भी कीटों से सुरक्षा
इस फसल की सबसे खास बात यह है कि अब तक इसमें न तो किसी रासायनिक खाद का उपयोग हुआ है और न ही किसी प्रकार का पेस्टिसाइड डाला गया है. इसके बावजूद गोबर खाद से उगाई गई पत्ता गोभी में कीटों का असर बेहद कम, लगभग ना के बराबर देखने को मिला है.
रासायनिक खाद वाली फसल से साफ दिखा फर्क
किसान ने रासायनिक खाद से उगाई गई पत्ता गोभी भी दिखाई, जो उसी वैरायटी की है. लेकिन इसमें गोबर खाद की मात्रा न के बराबर है. इसका असर साफ नजर आता है- पौधे छोटे हैं, गुणवत्ता कमजोर है और फल सेट भी सही तरीके से नहीं हो पा रहा है. साथ ही, इसमें कीटों का प्रकोप काफी अधिक है.
मटर और चना भाजी में भी दिखा जैविक खाद का असर
गोबर खाद वाले इसी खेत में मटर और चना भाजी की फसल भी लगी हुई है. मटर की पत्तियों का बड़ा आकार और गहरा हरा रंग इस बात का प्रमाण है कि गोबर खाद पौधों को भरपूर पोषण दे रही है. सभी फसलों में बेहतर वृद्धि और स्वस्थ पौधे देखने को मिल रहे हैं.
किसानों के लिए बड़ा संदेश
विवेक गोस्वामी ने कहा कि यदि किसानों के पास गोबर खाद उपलब्ध है, तो उससे बेहतर उत्पादन किसी भी रासायनिक खाद से लेना मुश्किल है. उनके अनुभव के अनुसार, गोबर खाद से फसल की गुणवत्ता, उत्पादन और पौधों की सेहत तीनों में स्पष्ट रूप से बेहतर परिणाम मिलते हैं.
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