Heart Attack After Kinnars Threat : अलवर के फेमली लाइन स्कीम तीन में अखेपुरा से आए किन्नरों की धमकी और रकम मांग के दबाव में शंकर की हार्ट अटैक से मौत, पुलिस जांच जारी है, इलाके में गुस्सा और चर्चा है. मृतक के दामाद के अनुसार, यह घटना उस समय की है जब परिवार में एक नवजात शिशु का जन्म हुआ था. शंकर के भतीजे की बहू ने एक दिन पहले बेटे को जन्म दिया था. परिवार इस खुशी में व्यस्त ही था कि अगले दिन दो अखेपुरा से आए किन्नर उनके घर पहुंचे.
मृतक के दामाद राकेश कुमार के अनुसार, यह घटना उस समय की है जब परिवार में एक नवजात शिशु का जन्म हुआ था. शंकर के भतीजे की बहू ने एक दिन पहले बेटे को जन्म दिया था. परिवार इस खुशी में व्यस्त ही था कि अगले दिन दो अखेपुरा से आए किन्नर उनके घर पहुंचे. उन्होंने बधाई देने के नाम पर सीधे 31 हजार रुपये की मांग रख दी. परिवार का कहना है कि परंपरा के अनुसार इस तरह के अवसर पर लगभग 10 हजार रुपये दिए जाते हैं, लेकिन इतनी बड़ी रकम देना उनके लिए संभव नहीं था.
रकम की मांग से बढ़ा विवाद
परिजनों के मुताबिक, जब उन्होंने 31 हजार रुपये देने में असमर्थता जताई और परंपरा का हवाला देते हुए 10 हजार रुपये देने की बात कही, तो किन्नर भड़क गए. आरोप है कि इसके बाद उन्होंने घर में हंगामा शुरू कर दिया और बद्दुआ देने लगे. परिवार का कहना है कि किन्नरों ने सर्वनाश होने जैसी धमकियां दीं, जिससे घर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया. इसी दौरान शंकर, जो उस वक्त घर की ऊपरी मंजिल पर थे, नीचे आए और स्थिति को संभालने की कोशिश की.
शंकर की तबीयत बिगड़ी और मौत
परिजनों का आरोप है कि किन्नरों के उत्पात, धमकियों और बद्दुआओं से शंकर बेहद घबरा गए. उन्होंने उन्हें समझाने की कोशिश की कि परंपरा के अनुसार ही रकम दी जा सकती है, लेकिन किन्नर किसी भी हालत में मानने को तैयार नहीं थे. इसी तनाव और डर के बीच शंकर की तबीयत अचानक बिगड़ गई. उन्हें हार्ट अटैक आया और कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई. परिवार का कहना है कि अगर यह हंगामा और दबाव नहीं होता, तो शायद शंकर की जान बच सकती थी.
परिजनों के आरोप और पुलिस की भूमिका
मृतक के दामाद राकेश कुमार ने पूरे मामले की जानकारी दी है और परिजनों ने किन्नरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि बधाई के नाम पर इस तरह की जबरन वसूली और धमकियां अब आम होती जा रही हैं, लेकिन इस बार इसका नतीजा एक निर्दोष व्यक्ति की जान जाने के रूप में सामने आया. कोतवाली थाना क्षेत्र का यह मामला अब पुलिस के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई जांच के बाद तय की जाएगी. इस घटना ने इलाके में भय और आक्रोश दोनों का माहौल पैदा कर दिया है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसे मामलों पर सख्त रोक कब लगेगी.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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