अलवर. भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया है. मृतकों के परिजनों की शिकायत के आधार पर फैक्ट्री मालिक और संचालन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस ने फैक्ट्री के मैनेजर अभिनंदन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था, जिससे यह भयावह हादसा हुआ.
इस दर्दनाक हादसे में अब तक आठ मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका इलाज
दिल्ली एम्स में चल रहा है. मृतकों के शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि केवल कंकाल और हड्डियां ही शेष बचीं. रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल से पॉलीथिन में बॉडी पार्ट्स को एकत्र किया. शवों की पहचान डीएनए जांच और पोस्टमार्टम के बाद की जाएगी, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा.
पटाखे, बारूद और पैकिंग के डिब्बे बरामद हुए हैं
अलवर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे. आग इतनी तेजी से फैली कि मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. फैक्ट्री के भीतर तेज धमाकों के साथ आग लगी, जिससे चारों ओर अफरा-तफरी मच गई. मौके से पटाखे, बारूद और पैकिंग के डिब्बे बरामद हुए हैं, जिससे साफ है कि यहां अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था.
फैक्ट्री मालिक और संचालनकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
हादसे में
बिहार के मोतिहारी जिले के सुंजत, मिंटु, रवि और अजीत तथा चंपारण जिले के श्याम और अमरेश समेत कुल आठ मजदूरों की मौत हुई है. मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं और फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. परिजनों की शिकायत पर फैक्ट्री मालिक और संचालनकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. खैरथल-तिजारा के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फैक्ट्री को तुरंत सील कर दिया गया है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री का अवैध निर्माण और भंडारण प्रथम दृष्टया सामने आया है. फैक्ट्री के मैनेजर अभिनंदन से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके.
हादसे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज
हादसे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है. मौके पर दमकल, पुलिस, प्रशासन और राहत टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. फैक्ट्री परिसर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और चारों ओर राख और मलबा फैला हुआ है.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस हादसे को अत्यंत हृदयविदारक बताया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को त्वरित और समुचित सहयोग सुनिश्चित किया जाए. साथ ही घायलों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही न बरतने के आदेश भी दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने के संकेत दिए हैं ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके.
पुलिस मामले की कर रही है जांच
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. अवैध पटाखा निर्माण से जुड़े दस्तावेज, लाइसेंस और फैक्ट्री संचालन से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यदि लापरवाही और अवैध गतिविधियों की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस भीषण हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.