Bhilwara Government Polyhouse Scheme: किसानों के लिए राहत भरी खबर है. सरकार ने पॉलीहाउस योजना में बदलाव कर किसानों को अधिक लाभ देने की दिशा में कदम उठाया है. नई व्यवस्था से सब्सिडी प्रक्रिया आसान होगी और संरक्षित खेती को बढ़ावा मिलेगा. इससे कम लागत में बेहतर उत्पादन संभव होगा और फसल की गुणवत्ता भी सुधरेगी. मौसम की मार से बचाव और सालभर खेती की सुविधा मिलने से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है.
भीलवाड़ा: पॉलीहाउस और शेडनेट आधारित आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के फैसले का असर अब भीलवाड़ा जिले में भी साफ नजर आने लगा है. राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत अनुदान के दायरे को बढ़ाते हुए निर्माण क्षेत्र की सीमा 4000 वर्ग मीटर से घटाकर 2500 वर्ग मीटर कर दी गई है. इस निर्णय से जिले के छोटे और मध्यम किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. पहले जहां बड़े किसान ही इस योजना का लाभ उठा पाते थे. अब सीमित भूमि वाले किसान भी आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं.

उद्यान विभाग के उप निर्देशक डॉ शंकर सिंह के अनुसार पहले निर्धारित क्षेत्र अधिक होने के कारण भीलवाड़ा में केवल गिने-चुने किसान ही पॉलीहाउस योजना से जुड़ पा रहे थे. 4000 वर्ग मीटर की शर्त के चलते जिले में करीब 40 किसान ही लाभान्वित हो सके थे. अब क्षेत्र सीमा घटकर 2500 वर्ग मीटर होने से लगभग 54 किसान इस योजना का लाभ ले सकेंगे. यानी 14 अतिरिक्त किसानों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक को अपनाने की रफ्तार तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है.

भीलवाड़ा जिले में किसानों की जागरूकता पहले की तुलना में लगातार बढ़ रही है. प्रशिक्षण कार्यक्रमों, विभागीय शिविरों और सफल किसानों के अनुभवों से प्रेरित होकर अब किसान नई तकनीकों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं. पॉलीहाउस और शेडनेट खेती को लेकर किसानों में यह समझ विकसित हुई है कि नियंत्रित वातावरण में फसल उत्पादन अधिक सुरक्षित और लाभकारी होता है. मौसम की मार से बचाव और गुणवत्ता युक्त उत्पादन के कारण किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़ने लगे हैं.
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सरकार द्वारा अनुदान दर में दी गई राहत भी किसानों के लिए बड़ी सहूलियत बनी है. लघु और सीमांत किसानों के साथ-साथ एससी-एसटी वर्ग के किसानों को पॉलीहाउस और शेडनेट निर्माण पर 70 प्रतिशत तक अनुदान मिल रहा है. वहीं सामान्य श्रेणी के किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है. भीलवाड़ा जिले में इस प्रोत्साहन का सीधा असर देखने को मिल रहा है, जहां बड़ी संख्या में किसान आवेदन कर रहे हैं और विभाग से जानकारी ले रहे हैं.

जिले में हाईटेक खेती का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. पॉलीहाउस और शेडनेट में खीरा, शिमला मिर्च, टमाटर और डच रोज जैसी फसलों की खेती बड़े स्तर पर की जा रही है. नियंत्रित तापमान और नमी के कारण इन फसलों की उत्पादकता सामान्य खेती की तुलना में कई गुना अधिक होती है. इससे किसानों को बेहतर बाजार भाव मिल रहा है और उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है, जिससे अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं.

यह भीलवाड़ा जिले के किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है. क्षेत्र सीमा घटने से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी और आधुनिक खेती का विस्तार होगा. किसानों की बढ़ती जागरूकता और सरकारी सहयोग से आने वाले समय में जिले में हाईटेक कृषि का मजबूत आधार तैयार होने की उम्मीद है. यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि जिले की कृषि को भी नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा.
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