झालाना स्थित कर्मचारी चयन बोर्ड भवन में कार्य के दौरान ऊंचाई से गिरने से एक 23 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवराज बैरवा (23) पुत्र किशन लाल बैरवा, निवासी ग्राम पीपला, तहसील माधोराजपुरा, जिला जयपुर के रूप में हुई है। वह R.S.R.D.C.
मृतक के पिता प्रहलाद बैरवा ने ठेकेदार फर्म पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए गांधी नगर थाना (जयपुर ईस्ट) में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, घटना 5 जनवरी की रात करीब 9 बजे की है। शिवराज भवन के बेसमेंट में VDC (CC) फर्श का कार्य कर रहा था। इसी दौरान वह पानी पीने के लिए ग्राउंड फ्लोर पर गया और वापस बेसमेंट लौटते समय सीढ़ियों के पास स्थित लिफ्ट की खाली जगह में गिर गया।
झालाना स्थित कर्मचारी चयन बोर्ड भवन में कार्य के दौरान ऊंचाई से गिरने से एक 23 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवराज बैरवा (23) पुत्र किशन लाल बैरवा, निवासी ग्राम पीपला, तहसील माधोराजपुरा, जिला जयपुर के रूप में हुई है।
रिपोर्ट में बताया गया कि लिफ्ट का शाफ्ट करीब 25 से 30 फीट गहरा था, जिसे बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी के खुला छोड़ दिया गया था। मौके पर कोई चेतावनी संकेत, जाली, बैरिकेडिंग या पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। अंधेरे के कारण शिवराज को लिफ्ट का गड्ढा नजर नहीं आया और वह उसमें गिर गया।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद सहकर्मियों ने शिवराज को तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से जयपुरिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक के परिजनों ने न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर मंगलवार सुबह से जयपुरिया अस्पताल में धरना शुरू कर दिया। परिजनों की मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण मंगलवार रात तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। देर रात तक परिजन अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे रहे।
मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने ठेकेदार फर्म के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर की गई और ठेकेदार की जिम्मेदारी किस हद तक बनती है।
इधर, मृतक के परिजनों ने न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर मंगलवार सुबह से जयपुरिया अस्पताल में धरना शुरू कर दिया। परिजनों की मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण मंगलवार रात तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। देर रात तक परिजन अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे रहे।
यहां देखे फोटोज

धरना स्थल पर मृतक के पिता किशन लाल, भाई प्रहलाद बैरवा, डीपी सिंह पीपला, सरपंच मोहन धाभाई, बाबूलाल रेहड़ा सहित रिश्तेदार और समाज के लोग जयपुरिया हॉस्पिटल की मोर्चरी पर धरने पर बैठे है।

परिजनों की मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण मंगलवार रात तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। देर रात तक परिजन अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे रहे।

झालाना स्थित कर्मचारी चयन बोर्ड भवन की इस साइट पर मजदूरी कर रहा था शिवराज बैरवा।

रिपोर्ट में बताया गया कि लिफ्ट का शाफ्ट करीब 25 से 30 फीट गहरा था, जिसे बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी के खुला छोड़ दिया गया था। मौके पर कोई चेतावनी संकेत, जाली, बैरिकेडिंग या पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी।

मृतक की पहचान शिवराज बैरवा (23) पुत्र किशन लाल बैरवा, निवासी ग्राम पीपला, तहसील माधोराजपुरा, जिला जयपुर के रूप में हुई है। वह R.S.R.D.C. LTD., जयपुर के तहत कर्मचारी चयन बोर्ड भवन में कार्यरत ठेकेदार फर्म किशोरी कंस्ट्रक्शन कंपनी में मजदूरी करता था।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.