जैसलमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों का आबादी क्षेत्र में घुसपैठ का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार को जैसलमेर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित भू गांव में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई।
यहां गणपत दान के घर में बने पानी के टांके में एक जहरीला कोबरा सांप गिर गया। गनीमत रही कि पानी भरने गई महिला ने समय रहते सांप को देख लिया, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर पहुंचे स्नैक कैचर साहिल खान ने सांप को सुरक्षित पानी के हौद से बाहर निकाला और जंगल में छोड़ा। सांप को रेस्क्यू करने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
साहिल ने सांप को पानी के हौद से निकाला बाहर।
पानी लेने पहुंची महिला के उड़ गए होश
घटना शनिवार सुबह की है जब घर की महिलाएं दैनिक कार्यों में जुटी थीं। गणपत दान के परिवार की महिला जब घर के आंगन में बने पानी के टांके (पारंपरिक जल संग्रहण ढांचा) से पानी निकालने के लिए पहुंची, तो जैसे ही उसने ढक्कन हटाकर अंदर झांका, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
टांके के भीतर पानी की सतह के पास एक विशालकाय काला नाग फन फैलाए बैठा था। सांप को देखते ही महिला ने चिल्लाकर शोर मचाया, जिसे सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी तुरंत मौके पर जमा हो गए।
कोबरा को देख गांव में मची दहशत
टांके में सांप होने की खबर आग की तरह पूरे भू गांव में फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि सांप काफी आक्रामक नजर आ रहा था और बार-बार फुंकार मार रहा था। टांके की गहराई अधिक होने के कारण सांप खुद बाहर निकलने में असमर्थ था और लगातार पानी में छटपटा रहा था। ग्रामीणों ने अपनी स्तर पर उसे छेड़ने की कोशिश नहीं की और सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दी।

स्नैक कैचर साहिल खान ने सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ा।
कड़ी मशक्कत के बाद हुआ रेस्क्यू
सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ लवर स्नेक कैचर साहिल खान साजो-सामान के साथ गणपत दान के घर पहुंचे। साहिल ने मौके पर मुआयना किया तो पाया कि वह एक इंडियन स्पेक्टेकल्ड कोबरा (नाग) था, जो भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक माना जाता है। रेस्क्यू एक्सपर्ट्स ने टॉर्च की रोशनी और विशेष स्टिक की मदद से टांके के गहरे पानी में फंसे कोबरा को काबू में करने का प्रयास शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित तरीके से एक बैग में बंद किया गया। इसके बाद ही परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली।
जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया
रेस्क्यू टीम ने बताया कि पकड़े जाने के बाद सांप को आबादी क्षेत्र से काफी दूर निर्जन रेतीले धोरों और झाड़ियों वाले वन क्षेत्र में ले जाया गया, जहाँ उसे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

पानी के हौद में मिला था कोबरा सांप।
भास्कर अलर्ट: ग्रामीण बरतें सावधानी
वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि जैसलमेर जैसे मरुस्थलीय इलाकों में अक्सर सांप पानी की तलाश में या नमी के कारण टांकों और घरों के ठंडे कोनों में घुस जाते हैं।
- टांकों को रखें बंद: हमेशा पानी के टांकों पर मजबूत और एयरटाइट ढक्कन लगाकर रखें।
- अंधेरे में सावधानी: रात के समय या कम रोशनी वाली जगहों पर हाथ डालने से पहले टॉर्च का प्रयोग जरूर करें।
- छेड़खानी न करें: सांप दिखने पर उसे मारने या पकड़ने की कोशिश न करें, क्योंकि घायल सांप अधिक खतरनाक हो सकता है। तुरंत विशेषज्ञों को बुलाएं।
इस घटना के बाद गणपत दान और उनके परिवार ने रेस्क्यू टीम का आभार व्यक्त किया है। महिला की सजगता की पूरे गांव में चर्चा हो रही है, जिसने अपनी जान जोखिम में पड़ने से पहले ही खतरे को भांप लिया।
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