ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 स्थित मोड़ के पास पानी से भरे बेसमेंट में कार सहित डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद अब तक एसआईटी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो सकी है। मीडिया से बातचीत में युवराज के पिता राज कुमार मेहता का कहना है कि वह कुछ समय के लिए लंदन (यूके) में अपनी बेटी के घर आए हैं, क्योंकि नोएडा के सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के घर में उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था।
उन्हें एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार है। वह युवराज के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने में सहयोग देने पर मीडिया को धन्यवाद देना चाहते हैं। युवराज मेहता के पिता ने सोशल मीडिया पर हमेशा के लिए भारत छोड़ने की बात से इनकार किया है। इससे सोशल मीडिया पर उनके स्थायी रूप से भारत छोड़ने की अटकलों पर विराम लग गया है।
युवराज मेहता अपने पिता के साथ रहते थे। वर्क फ्रॉम होम के कारण वह बीच-बीच में घर से ही नौकरी कर रहे थे। उनकी मां का पहले ही निधन हो चुका था और बहन विदेश में रहती थी। बेटे की अचानक मौत ने पिता को पूरी तरह तोड़ दिया है। कुछ समय के लिए रिश्तेदार उनके पास रहने आए, लेकिन शोक सभा के बाद वे भी धीरे-धीरे लौट गए।
अकेलेपन और सदमे की स्थिति में रह रहे पिता से मिलने घटना के करीब 16 दिन बाद बहन ग्रेटर नोएडा आई थी। दो दिन घर पर रहने के बाद वह उन्हें दिल्ली ले गई और फिर करीब 10 दिन बाद अपने साथ लंदन लेकर चली गई।
रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से उठ रहे सवाल: सेक्टर-150 में हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की हादसे में मौत को एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इस मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा सकी है। घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक लापरवाही की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी और पांच दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। घटना के बाद जनप्रतिनिधियों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था।
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