कन्हैया साहब चौक स्थित ग्लोबल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड कार्यालय।
यमुनानगर जिले में विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। कन्हैया साहब चौक स्थित ग्लोबल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी संचालकों पर ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर करीब 7 लाख रुपए ठगने का आरोप लगा है।
आरोपियों ने पीड़ित को वीजा लग जाने का दावा करके फ्लाइट के लिए दिल्ली तक बुला लिया। वहां पहुंचने पर होटल में कोई भी नहीं मिला, जिसके बाद पीड़ित वापिस यमुनानगर आया तो आरोपियों के दफ्तर पर भी ताला लटका मिला।
गांधी नगर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी अजय कुमार (निवासी एसएएस नगर, मोहाली, पंजाब), प्रदीप सिंह (निवासी होलीवुड हाइट्स, डेराबस्सी, मोहाली) और तरणप्रीत सिंह (निवासी पृथ्वीनगर, यमुनानगर) के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
ऑस्ट्रेलिया में नौकरी का झांसा
पुलिस को दी शिकायत में मुस्ताक पुत्र रसीद अहमद निवासी खेड़ी रांगड़ान ने बताया कि वह अपने बेटे मोहम्मद साहिल को विदेश भेजकर नौकरी दिलाना चाहता था। इसी सिलसिले में उसने संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल के सामने, कन्हैया साहिब चौक के पास स्थित ग्लोबल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय से संपर्क किया। कंपनी का मुख्य कार्यालय जिरकपुर (पंजाब) में बताया गया था।
आरोप है कि कंपनी के संचालक अजय कुमार, प्रदीप सिंह, रमनदीप कौर और तरणप्रीत सिंह ने उसे भरोसा दिलाया कि उनकी कंपनी का ऑस्ट्रेलिया की कई कंपनियों से करार है और वे उसके बेटे को कानूनी तरीके से वर्क वीजा पर ऑस्ट्रेलिया भेजकर नौकरी दिलवा देंगे। आरोपियों ने यह भी कहा कि वीजा लगने के बाद दिल्ली के महिपालपुर स्थित शांति पैलेस होटल में ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के अधिकारियों से नौकरी का एग्रीमेंट कराया जाएगा।
20 लाख रुपये खर्च बताए
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने पूरे प्रोसेस का खर्च करीब 20 लाख रुपए बताया। शुरुआत में 5 लाख रुपए देने को कहा गया, जबकि शेष रकम बेटे की नौकरी लगने के बाद हर माह वेतन से 50 हजार रुपए देने की शर्त रखी गई। भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने कुछ बच्चों के वीजा दिखाए और अपने आप को विश्वसनीय बताया।
पीड़ित के मुताबिक उसने अलग-अलग तारीखों में नकद और फोन-पे के जरिए आरोपियों को लाखों रुपए दिए। इनमें 31 मई 2025 को नकद और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, 3 जून और 5 जून को अलग-अलग किस्तें तथा 8 जून 2025 को मेडिकल और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 2 लाख रुपए नकद दिए गए। इसके साथ ही आरोपियों ने उसके बेटे का असली पासपोर्ट और शैक्षणिक दस्तावेज भी अपने पास रख लिए।

फर्जी वीजा और दिल्ली बुलाकर फरार
शिकायत में बताया गया कि 10 जून 2025 को आरोपियों ने फोन कर कहा कि मोहम्मद साहिल का ऑस्ट्रेलिया का वीजा लग गया है और उसी दिन दिल्ली से फ्लाइट है। इसके लिए पीड़ित को दिल्ली के महिपालपुर स्थित शांति पैलेस होटल में बुलाया गया। वहां पहुंचने पर पता चला कि होटल में कंपनी की ओर से कोई बुकिंग नहीं थी। बाद में आरोपियों ने खुद आने और भुगतान करने का भरोसा दिया, लेकिन वे वहां नहीं पहुंचे और उनके मोबाइल फोन बंद हो गए।
कार्यालय भी मिला बंद
दिल्ली से लौटने के बाद जब पीड़ित यमुनानगर स्थित ग्लोबल इंफोटेक के कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला लगा मिला। लगातार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद आरोपियों से कोई बात नहीं हो सकी। इसके बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से ठगी की गई है और फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे धोखे में रखा गया।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.