कौन है अमन भैंसवाल और क्या हैं उसके आपराधिक इतिहास?
अमन भैंसवाल मूल रूप से सोनीपत के भैंसवाल कलां गांव का रहने वाला है. वह हरियाणा पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल रहा है और उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और डकैती जैसे 15 से अधिक संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. अमन भैंसवाल का नाम प्रमुखता से तब सुर्खियों में आया जब उसने सोनीपत के गोहाना में स्थित मशहूर मातूराम हलवाई की दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग करवाकर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी थी. इसके अलावा रोहतक के सांपला में सीताराम हलवाई के यहां हुई फायरिंग की घटना में भी उसका हाथ होने के पुख्ता सबूत पुलिस को मिले थे.
किस गैंग का शूटर था अमन भैंसवाल?
अमन भैंसवाल को हिमांशु भाऊ गैंग का बेहद करीबी और शार्प शूटर माना जाता है. हरियाणा एसटीएफ के मुताबिक, अमन केवल एक अपराधी नहीं बल्कि गैंग का रणनीतिकार भी था, जो विदेश में बैठकर स्थानीय शूटरों को टारगेट की जानकारी देता था और हथियार मुहैया कराने में मदद करता था.
कैसे भागा था अमेरिका और कैसे हुई थी गिरफ्तारी?
अमन भैंसवाल की गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसने भारतीय कानून व्यवस्था को चकमा देकर विदेश भागने में कामयाबी हासिल की थी. नवंबर 2024 में, जब हरियाणा पुलिस उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही थी, तब अमन ने दिल्ली के एक पते पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया और ‘डंकी रूट’ यानी अवैध रास्ता या फर्जी वीजा के जरिए अमेरिका भाग गया था.
हरियाणा पुलिस ने कैसे बिछाया जाल?
विदेश भागने के बाद उसे लगा था कि वह सुरक्षित है, लेकिन हरियाणा एसटीएफ के एसपी वसीम अकरम और उनकी टीम लगातार उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक कर रही थी. गृह मंत्रालय (MHA) और विदेश मंत्रालय (MEA) के आपसी तालमेल से अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को अमन के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और अन्य जरूरी दस्तावेज सौंपे गए थे, जिसके बाद उसे वहां हिरासत में लिया गया.
सुरक्षा एजेंसियों की साल 2026 की सबसे बड़ी कार्रवाई
आज अमेरिका से वापस भेजे गए 209 लोगों में से अधिकांश वे हैं जो अवैध तरीके से सीमा पार कर अमेरिका में दाखिल हुए थे, लेकिन अमन भैंसवाल जैसे अपराधियों का डिपोर्ट होना संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी जीत है. हरियाणा पुलिस के महानिदेशक ने इस कार्रवाई को साल 2026 की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है. उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी उन सभी अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है जो यह सोचते हैं कि सात समंदर पार बैठकर वे भारत में अपराध जारी रख सकते हैं.
गैंगस्टरों के ईकोसिस्टम को ध्वस्त करने की तैयारी
बुधवार को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. जैसे ही विमान ने लैंड किया, एसटीएफ की एक विशेष टीम ने अमन को पहचान कर तुरंत अपनी गिरफ्त में लिया. अब उसे सोनीपत ले जाया जा रहा है, जहां उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा. पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान अमन से हिमांशु भाऊ गैंग के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई चेन और विदेशों में छिपे अन्य गैंगस्टरों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकेंगे.
हरियाणा एसटीएफ की यह कार्रवाई राज्य सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत गैंगस्टरों के पूरे ईकोसिस्टम को नष्ट किया जा रहा है. हाल के दिनों में हरियाणा पुलिस ने विदेशों से कई गैंगस्टरों को प्रत्यर्पित या डिपोर्ट करवाया है. अमन भैंसवाल की गिरफ्तारी से न केवल सोनीपत-रोहतक बेल्ट में रंगदारी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है, बल्कि इससे स्थानीय अपराधियों के हौसले भी पस्त होंगे. हरियाणा पुलिस अब इस बात की भी जांच करेगी कि अमन को अमेरिका में छिपने के लिए किसने फंडिंग की थी और दिल्ली में किन लोगों ने उसका फर्जी पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी. आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां संभव हैं.
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