झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा के हत्याकांड की पटकथा जासूसी फिल्मों की कहानी की तरह लिखी गई थी। तीन शूटर अलग-अलग साधनों से हरिद्वार पहुंचे। वहां एक साथ मिले और दून आकर वारदात को अंजाम दिया। घटनास्थल से तो एक साथ भागे इसके बाद हरिद्वार से आगे अलग-अलग साधनों से फरार हो गए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि एक आरोपी फ्लाइट से आया था, एक ट्रेन से और एक अन्य वाहन से। ट्रेन से आने वाला आरोपी ट्रेन से ही वापस लौटा। बाकी दो लोग अलग-अलग माध्यमों से फरार हुए। शुरुआती जांच में बेशक तीन शूटर आकाश, आशुतोष और विशाल का नाम सामने आया है लेकिन सूत्रों के अनुसार और भी कई लोग थे जो इनकी मदद कर रहे थे।
पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची
हत्याकांड को अंजाम देने की सुपारी बेहद शातिर बदमाशों को दी गई थी। इसके मास्टर माइंड ने ऐसी पटकथा रची कि दून पुलिस के लिए इसका खुलासा करना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है।
पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने वाले तीनों शूटरों की और भी कुछ लोग मदद कर रहे थे। परिवहन संबंधी सहायता देने में दूसरे लोग लगे थे। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों से पूछताछ की है। पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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