चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के मकानों में नीड बेस्ड चेंज को लेकर लंबे समय से अटकी राहत अब बहाल होने की उम्मीद है। सीएचबी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर प्रदीप कुमार ने जनवरी 2023 की नोटिफिकेशन का रिव्यू कर संशोधित सिफारिशें बोर्ड चेयरमैन को भेज दी हैं।
चेयरमैन कम चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद इन प्रस्तावों को प्रशासक के समक्ष रखेंगे। सूत्रों के अनुसार अगले सप्ताह तक प्रशासन नई नोटिफिकेशन जारी कर सकता है।
प्रशासन पुरानी पॉलिसी के तहत करीब 10 बड़ी रियायतें बहाल करने पर विचार कर रहा है। 10 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नीड बेस्ड चेंज के तहत दी जा रही कई छूटों पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद से हजारों अलॉटी अपने घरों में किए गए बदलावों को नियमित कराने को लेकर असमंजस में थे।
क्राफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी ने कहा कि नीड बेस्ड चेंज को लेकर जो भी नए आदेश जारी हों, वे भविष्य की तारीख से प्रभावी होने चाहिए। पहले से दी गई छूट के तहत जिन वॉयलेशन को रेगुलराइज किया जा चुका है, उन्हें दोबारा उल्लंघन की श्रेणी में न डाला जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि बाउंड्री एरिया या प्लॉट एरिया के भीतर किए गए बदलावों को वन टाइम सेटलमेंट या कंपाउंडिंग फीस लेकर नियमित किया जाए। कई अलॉटियों ने पीछे के बरामदे में कमरे बनाए हैं या रसोई का आकार बदला है। इन बदलावों को भी नीति के तहत राहत मिल सकती है।
सेफ्टी ऑडिट और सेल्फ डेक्लारेशन जरूरी
प्रशासन के पास भेजी गई सिफारिशों के अनुसार घर के अंदर किए गए बदलावों को नियमित कराने के लिए इम्पैनल्ड आर्किटेक्ट से सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट लेनी होगी। छोटे और जरूरी बदलावों के मामलों में अलॉटी से सेल्फ डेक्लारेशन लिया जा सकता है। यदि भविष्य में कोई नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।
अलॉटियों को बड़ी राहत की उम्मीद
सीएचबी के हजारों अलॉटी लंबे समय से नीड बेस्ड चेंज को लेकर साफ नीति का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन यदि प्रस्तावित 10 रियायतों को मंजूरी देता है तो बड़ी संख्या में मकान मालिकों को राहत मिलेगी। अब लोगों की उम्मीदें प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की मंजूरी और संभावित नोटिफिकेशन पर हैं ताकि शहर में आवासीय संशोधनों को लेकर चल रही अनिश्चितता खत्म हो सके।
नीड बेस्ड चेंज: प्रस्तावित 10 बड़ी राहतें
- अतिरिक्त कवर एरिया बढ़ाने की राहत
- कवर एरिया 50% से बढ़ाकर 75% तक करने का प्रस्ताव, अधिकतम 150 वर्ग फुट की सीमा के साथ।
- टाइप-वाइज ड्रॉइंग के अनुसार निर्माण की अनुमति
- सीएचबी की वेबसाइट पर उपलब्ध स्वीकृत ड्रॉइंग के आधार पर बदलाव की मंजूरी।
- अतिरिक्त खिड़कियां लगाने की अनुमति
- निर्धारित आकार और स्थान के अनुसार नई खिड़कियां लगाई जा सकेंगी।
- रसोई और आंतरिक बदलाव नियमित करने की राहत
- रसोई का विस्तार, कमरों में आंतरिक परिवर्तन जैसे जरूरी संशोधनों को मंजूरी।
- बाउंड्री/प्लॉट एरिया के भीतर वॉयलेशन का निपटारा
- वन टाइम सेटलमेंट या कंपाउंडिंग फीस लेकर नियमित करने का प्रस्ताव।
- पीछे बरामदे में बनाए कमरों को नियमित करने की संभावना
- पहले से किए गए जरूरत आधारित निर्माण को शर्तों के साथ रेगुलराइज करने की तैयारी।
- 10 फुट चौड़े गेट की मंजूरी
- निर्धारित शर्तों के साथ 10 फीट वाइड गेट की अनुमति (वी-3 और वी-4 सड़कें छोड़कर)।
- कुछ सेक्टरों में वी-3/वी-4 सड़कों की ओर गेट पर पुनर्विचार
- सेक्टर-29, 30 सहित कुछ इलाकों में मामले-दर-मामला राहत संभव।
- कॉरिडोर एरिया कवर करने की अनुमति (एचआईजी कैटेगरी)
- विशेष रूप से सेक्टर-45 के एचआईजी मकानों में कवरेज की छूट पर पुनर्विचार।
- पार्किंग स्पेस के ऊपर छत बनाने की अनुमति
- सेक्टर-45 और 39बी में एचआईजी अप्पर/लोअर कैटेगरी मकानों में शर्तों सहित मंजूरी का प्रस्ताव।
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