दरभंगा के ग्रामीण कार्य विभाग में तैनात कार्यपालक अभियंता बालेश्वर राम के खिलाफ निगरानी की विशेष इकाई द्वारा की गई छापेमारी में कोई बड़ी संपत्ति या नकदी बरामद नहीं होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया है। तलाशी के दौरान उनके घर से मात्र 15 हजार रुपये नकद मिलने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद निगरानी की टीम संतुष्ट होकर वापस लौट गई।
कार्यालय से हिरासत, घरों में हुई तलाशी
कार्यपालक अभियंता बालेश्वर राम ने बताया कि निगरानी की टीम उन्हें बिरौल स्थित कार्यालय से हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले गई थी। इसके बाद दरभंगा और पटना स्थित उनके आवासों पर भी तलाशी ली गई, लेकिन कहीं से भी कोई खास रकम या संपत्ति बरामद नहीं हुई। उन्होंने कहा कि निगरानी को उनके घर से सिर्फ 15 हजार रुपये नकद मिले थे, इसके अलावा कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला।
5 फरवरी को हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि 5 फरवरी को निगरानी के डीएसपी विंध्याचल प्रसाद और इंस्पेक्टर शशिशेखर चौधरी के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की थी। उस दौरान अभियंता को हिरासत में लेकर उनके आवास और कार्यालय की तलाशी ली गई थी। अभियंता का दावा है कि पूरी तलाशी के बावजूद टीम को कोई विशेष संपत्ति या बड़ी राशि नहीं मिली।
आय से अधिक संपत्ति का आरोप, तलाशी में नहीं मिला प्रमाण
कार्रवाई के दौरान निगरानी की टीम की ओर से यह कहा गया था कि अभियंता के खिलाफ आय से लगभग 90 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने को लेकर 14/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, तलाशी के बाद मामला पूरी तरह गलत पाया गया। किसी भी तरह की बड़ी बरामदगी न होने पर निगरानी की टीम ने अभियंता को रिहा कर दिया और पटना लौट गई।
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