प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने आरपीएससी को भंग करने, पिछले वर्षों में हुई सभी भर्तियों की सीबीआई जांच कराने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इसके बाद युवाओं ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
सांसद विधायक ने युवाओं को किया संबोधित
सभा को संबोधित करते हुए सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि जन आंदोलन के आगे सरकारों को झुकना पड़ता है और इस मामले में भी सरकार को मजबूरन निर्णय लेना पड़ेगा। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके अधिकारों की आवाज संसद में पूरी मजबूती से उठाई जाएगी। इस दौरान बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि युवाओं के हितों से जुड़े फैसले कैबिनेट और राजस्थान के विधायक लेते हैं। सरकार किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे कैबिनेट की होती है।
चौधरी ने कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा से इस मुद्दे को आगामी कैबिनेट बैठक में मजबूती से उठाने की अपील की। हरीश चौधरी ने बाड़मेर की निर्दलीय विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी और विधायक रविंद्र सिंह भाटी से भी इस आंदोलन में आगे आकर युवाओं की आवाज बुलंद करने की मांग की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
‘जयपुर तक पहुंचेगा आंदोलन’
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता राजेंद्र कड़वासरा ने कहा कि यह आंदोलन युवाओं के हक और अधिकारों की लड़ाई है। चाहे सरकार किसी की भी रही हो, हालात समान रहे हैं। बाड़मेर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब जयपुर तक पहुंचेगा। इस दौरान युवाओं ने एक बार फिर से अपनी मांगो को दोहराया।
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युवाओं की ये है प्रमुख मांगें:
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