जब युवती ने इस नंबर पर कॉल किया तो फोन यूडीसी दुर्गाशंकर सिंगरहा (58) ने उठाया। युवती द्वारा नौकरी की जानकारी पूछने पर आरोपी ने वैकेंसी होने की बात कहते हुए सभी दस्तावेज लेकर विश्वविद्यालय आने को कहा। अगले दिन युवती अपने दस्तावेज लेकर विश्वविद्यालय पहुंची, जहां उसकी मुलाकात दुर्गाशंकर से हुई। उसने आवेदन और दस्तावेज जमा कराते हुए भरोसा दिलाया कि वह कुलगुरु से बात कर उसकी नौकरी लगवा सकता है।
ये भी पढ़ें: Chhatarpur News: कैदी की आत्महत्या मामले में न्याय मांगने सड़क पर उतरे परिजन, नाबालिग के अन्य संबंधों का खुलासा
इसके बाद एक-दो बार दोनों की शहर में भी मुलाकात हुई। हर बार आरोपी युवती को यही कहता रहा कि नौकरी की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इंटरव्यू होगा। पीड़िता के अनुसार 25 दिसंबर की दोपहर दुर्गाशंकर ने फोन कर उसे विश्वविद्यालय बुलाया और कहा कि इंटरव्यू की बात लगभग तय हो गई है।
इसके बाद आरोपी ने युवती को चपरासी मुकेश सेन के घर बुलाया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि कुछ देर बातचीत के बाद मुकेश सेन बाहर निकल गया और कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। आरोप है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवती को घर बुलाया गया और फिर बंद कमरे में उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया।
घटना के बाद दोनों आरोपी युवती को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर लेकर आए और उसे धमकी दी कि यदि वह चुप रही तो नौकरी लग जाएगी, अन्यथा उसकी बदनामी कर दी जाएगी। गुरुवार रात किसी तरह युवती घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद शुक्रवार को आधारताल थाना पहुंचकर उसने बाबू और चपरासी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। एएसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि नौकरी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म किया गया है। मुख्य आरोपी दुर्गाशंकर सिंगरहा है, जबकि चपरासी मुकेश सेन ने उसका सहयोग किया। दोनों के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.