आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अंजु कुमारी ने सोमवार को सुपौल के कई प्रखंडों में आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर से लेकर पोषाहार वितरण, एफआरएस सिस्टम और केंद्रों की साफ-सफाई तक सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। कई जगह लापरवाही सामने आने पर उन्होंने संबंधित कर्मियों को सख्त हिदायत दी। पिपरा प्रखंड में तीन केंद्रों पर निरीक्षण, उपस्थिति संतोषजनक डीपीओ ने सबसे पहले पिपरा प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या–19, 83 और 183 का निरीक्षण किया। यहां क्रमशः 25, 24 और 21 बच्चों की उपस्थिति सेविका और सहायिका की मौजूदगी के साथ दर्ज पाई गई।
उपस्थिति देखकर डीपीओ ने संतोष जताया, लेकिन साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक केंद्र नामांकित बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करे। डीपीओ अंजु कुमारी ने मेनू के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण पोषाहार वितरण, स्कूल पूर्व शिक्षा की बेहतर व्यवस्था और केंद्रों में सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने एफआरएस के माध्यम से पात्र लाभुकों को 100% टीएचआर वितरण का आदेश देते हुए कहा कि किसी भी पात्र बच्चे को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। त्रिवेणीगंज में 11 बच्चों की उपस्थिति पर नाराज हुईं डीपीओ त्रिवेणीगंज प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या–193 में मात्र 11 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई। इस पर डीपीओ ने गहरी नाराजगी जताई और सेविका को फटकार लगाई।
उन्होंने पाया कि केंद्र का भंडार पंजी अद्यतन नहीं था, जिसे तुरंत दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। डीपीओ ने संबंधित सीडीपीओ को आदेश दिया कि सेविका, सहायिका और एलएस से शोकॉज किया जाए। इसके अलावा सोमवार को अनुपस्थित 29 बच्चों की पोषाहार राशि में कटौती कर इसकी जानकारी कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि पोषाहार वितरण और उपस्थिति रजिस्टर में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छातापुर प्रखंड में कई केंद्रों पर टीएचआर वितरण की समीक्षा छातापुर प्रखंड में डीपीओ ने केंद्र संख्या–124, 126 और 123 का निरीक्षण किया। केंद्र 124 पर 31 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी। केंद्र 126 पर दोपहर 2:43 बजे तक 21 लाभुक उपस्थित पाए गए। केंद्र 123 पर एफआरएस के माध्यम से 24 लाभुकों को टीएचआर वितरण हो चुका था। इन केंद्रों की समीक्षा करते हुए डीपीओ ने शेष पात्र लाभुकों को भी एफआरएस के माध्यम से शत-प्रतिशत टीएचआर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि टीएचआर वितरण में किसी भी प्रकार की देरी या गड़बड़ी प्रशासन की दृष्टि में गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। टीएचआर वितरण में किसी भी स्थिति में लापरवाही नहीं निरीक्षण के दौरान डीपीओ अंजु कुमारी ने साफ कहा कि कोई भी योग्य लाभुक टीएचआर से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 8 आवेदन और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के 3 आवेदन प्रत्येक केंद्र से सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने बताया कि टीएचआर और पोषाहार वितरण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक लाभुकों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना ही निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य है। सीडीपीओ और एलएस को नियमित निरीक्षण का निर्देश डीपीओ ने संबंधित सीडीपीओ और एलएस को सभी केंद्रों का नियमित फील्ड निरीक्षण करने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पूर्ण उपस्थिति, पोषाहार वितरण, भंडार पंजी का संधारण और एफआरएस अपडेट की प्रगति रिपोर्ट समय पर डीपीओ कार्यालय में भेजी जाए। डीपीओ ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा की मूल आधारशिला हैं। इसलिए यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही न तो स्वीकार्य है और न ही क्षम्य। जिला प्रशासन सक्रिय, आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान सुपौल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण अभियान लगातार चलाए जाएंगे। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लाभुकों तक पारदर्शिता और पूर्णता के साथ पहुंचे। जिला स्तर पर यह भी तय किया गया है कि जहां भी उपस्थिति या पोषाहार वितरण में गड़बड़ी मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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