शावक के सड़क और दीवार पर दिखाई देने के दौरान यहां पार्क भ्रमण के लिए जा रहे पर्यटक वाहनों का जमावड़ा लग गया। वहीं त्रिनेत्र गणेश के दर्शन को जा रहे श्रद्धालुओं ने भी बाघ शावक की चहलकदमी देखी। पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने इस दौरान अपने मोबाइल कैमरों में फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड किए।
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सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघ शावक की मॉनिटरिंग शुरू की। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी बाघिन रिद्धि अपने दोनों शावकों के साथ रणथंभौर दुर्ग के मुख्य प्रवेश द्वार तक आ गई थी।
दरअसल बाघिन रिद्धि और उसके दोनों शावकों का मूवमेंट मुख्य रूप से रणथंभौर के जोन नंबर तीन में रहता है। ऐसे में कई बार बाघिन और उसके शावक त्रिनेत्र गणेश मार्ग और रणथंभौर दुर्ग के आसपास पहुंच जाते हैं। हालांकि वन विभाग द्वारा उनकी लगातार मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग की जा रही है।
त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर बार-बार बाघों की मौजूदगी के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए वन विभाग ने त्रिनेत्र गणेश जाने वाले श्रद्धालुओं की पैदल और दुपहिया वाहनों से आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा रखी है और केवल चौपहिया वाहनों से ही प्रवेश की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही वन विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही हैं और श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने की अपील भी की जा रही है।
गौरतलब है कि त्रिनेत्र गणेश मार्ग रणथंभौर टाइगर रिजर्व के मध्य स्थित है और इस मार्ग के आसपास करीब आधा दर्जन बाघों का नियमित मूवमेंट रहता है। ऐसे में त्रिनेत्र गणेश के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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