ठंड का मौसम घूमने-फिरने और पिकनिक मनाने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. इस मौसम में लोग शहरों की भीड़-भाड़ से दूर प्राकृतिक स्थलों की तलाश करते हैं, जहां सुकून और ताजगी दोनों मिल सके. पलामू जिला पर्यटन के लिहाज से बेहद समृद्ध है, लेकिन यहां के कई प्राकृतिक धरोहर आज भी लोगों की नजरों से दूर हैं.
पलामू की पहचान जंगल, पहाड़, झरने और नदियों से होती है. यहां ऐसे कई पिकनिक स्पॉट मौजूद हैं, जो अब तक प्रचार से दूर रहे हैं. इन्हीं में से एक है रामगढ़ प्रखंड का चुनहटवा झरना, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और रोमांच के लिए जाना जाता है.

बता दें कि चुनहटवा झरना रामगढ़ प्रखंड के चुंगा बांसडीह पंचायत अंतर्गत कोकारू गांव के चुनहटवा टोला में स्थित है. यह स्थल जिला मुख्यालय से लगभग 17 किलोमीटर दूर चैनपुर-हूंटार रोड के किनारे पड़ता है. सड़क मार्ग से यहां पहुंचना आसान है.

चारों ओर से पहाड़ियों से घिरा यह झरना साल भर झर-झर बहते पानी के लिए प्रसिद्ध है. करीब 50 मीटर की ऊंचाई से गिरता पानी यहां आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है. गिरते पानी की आवाज दूर-दूर तक सुनाई देती है, जो मन को शांति और सुकून का अहसास कराती है.
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हालांकि, यह झरना साल भर बहता रहता है, लेकिन बरसात के मौसम में इसकी खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है. उस समय पानी का बहाव तेज होता है और आसपास का इलाका हरियाली से भर जाता है, जो इसे और भी आकर्षक बना देता है.

झरने के ऊपर से नीचे का दृश्य बेहद मनमोहक नजर आता है. पहाड़, जंगल और गिरते पानी का संगम पर्यटकों को प्रकृति के करीब ले आता है. यहां कुछ समय बिताने के बाद इंसान अपने सारे गम भूल जाता है.

पर्यटन विभाग की ओर से चुनहटवा झरना को पर्यटन स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है और इसके विकास के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है. स्थानीय लोग भी इसे विकसित पर्यटन स्थल बनाने की मांग कर रहे हैं.

फिलहाल इस खूबसूरत स्थल पर कोई विशेष विकास कार्य नहीं हो पाया है. बावजूद इसके, चुनहटवा झरना एक हिडन पिकनिक स्पॉट के रूप में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है. अगर इसका समुचित विकास हो जाए, तो यह पलामू जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है.
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