Bihar Rohtas Jungle Safari : बिहार के रोहतास जिले के मां मुंडेश्वरी धाम इको पार्क से जंगल सफारी की शुरुआत होने वाली है. इसका शुभारंभ सीएम नीतीश कुमार करेंगे. यहां के चार रूट करकटगढ़ जलप्रपात, तेल्हाड़ कुंड, अधौरा, वंशी खोह, करमचट डैम तक जाएंगे.
कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड में स्थित अतिप्राचीन मां मुंडेश्वरी धाम परिसर में बने इको पार्क से जंगल सफारी की शुरुआत की जाएगी. इस कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम के कैमूर आगमन पर उनके हाथों से किया जाएगा. इको पार्क से चार अलग-अलग रूट तैयार किए गए हैं, जो जिले के पांच प्रमुख पिकनिक स्पॉट्स करकटगढ़ जलप्रपात, तेल्हाड़ कुंड, अधौरा, वंशी खोह और करमचट डैम तक ले जाएंगे. यह परियोजना पर्यटकों को कम समय में अधिक प्राकृतिक दृश्य देखने का अवसर प्रदान करेगी और वन विभाग को भी राजस्व प्राप्त होगा.

मां मुंडेश्वरी धाम भारत के अतिप्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है. मंदिर की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व इसे विशेष बनाता है. मंदिर परिसर में बने इको पार्क के माध्यम से पर्यटक न केवल धार्मिक अनुभव ले सकते हैं. बल्कि प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों का आनंद भी उठा सकते हैं. यह इको पार्क जंगल सफारी की शुरुआती रूट का केंद्र भी है. पर्यटक यहां बैठकर पूरे क्षेत्र की हरियाली और आसपास के प्राकृतिक दृश्य देख सकते हैं, जिससे यह स्थल धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बन जाता है.

जंगल सफारी की पहली रूट मां मुंडेश्वरी धाम परिसर के इको पार्क से करकटगढ़ जलप्रपात तक जाएगी. यह स्थल अपनी हरियाली, झरनों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. वन विभाग ने सात वाहन (छह-सीटर) का इंतजाम किया है, जिनका किराया 2360 रुपये निर्धारित है. वाहन में सभी 6 लोग बैठेंगे और तभी भ्रमण शुरू होगा. यह रूट पर्यटकों को कम समय में प्राकृतिक नजारों का अधिकतम अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है.
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दूसरी रूट मां मुंडेश्वरी धाम इको पार्क से तेल्हाड़ कुंड और अधौरा क्षेत्र तक जाएगी. यह कुंड अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. वन विभाग ने पर्यटक सुविधा और सुरक्षा के सभी इंतजाम किए हैं. वाहनों में बैठकर लोग चारों तरफ की हरियाली, जल और आसपास के प्राकृतिक दृश्य का आनंद ले सकते हैं. यह रूट बच्चों और परिवारों के लिए खास आकर्षक है.

तीसरी रूट अधौरा और वंशी खोह के क्षेत्रों में जाएगी. ये स्थल अपनी पहाड़ियों, गहरी घाटियों और वन्य जीवों के लिए प्रसिद्ध हैं. वन विभाग ने पूरी सुरक्षा के साथ वाहनों में छह सीटों की व्यवस्था की है. पर्यटक यहां दुर्लभ पक्षियों और वन्य जीवों को देख पाएंगे. यह रूट छोटे और बड़े समूहों दोनों के लिए आनंददायक और रोमांचक है.

चौथा रूट इको पार्क से करमचट डैम तक जाएगा. यह जगह झील, हरियाली और जल संरक्षण के लिए लोकप्रिय है. वन विभाग ने भ्रमण को आरामदायक और सुरक्षित बनाया है. पर्यटक डैम के किनारे बैठकर प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकते हैं और पूरे क्षेत्र का रोमांचक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं. यह रूट परिवार और मित्र समूहों के लिए बहुत उपयुक्त है.
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