हरियाणा में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की वैधता तीन साल बढ़ाकर सरकार ने टूरिस्ट वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के बाहर के क्षेत्र में अब सभी डीजल-पेट्रोल व सीएनजी वाहनों के परमिट की वैधता 12 साल रहेगी। वहीं, एनसीआर में शामिल 14 जिलों में यह वैधता पेट्रोल-सीएनजी के लिए 12 साल व डीजल के लिए 10 साल रहेगी। हरियाणा में पहले टूरिस्ट परमिट की वैधता अवधि नौ साल थी। केंद्र व पड़ोसी राज्यों में वैधता 12 साल है। इसी कारण हरियाणा में भी इसे 12 साल ही कर दिया गया। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है।
ट्रैक्सी ऑपरेटर एकरूपता लाने की कर रहे थे मांग
हरियाणा की विभिन्न ट्रैक्सी ऑपरेटर यूनियन परमिट की वैधता में एकरूपता लाने की मांग कर रही थी। उनकी दलील थी कि जब केंद्र व पड़ोसी राज्यों में वैधता 12 साल है तो हरियाणा में अलग क्यों। पिछले साल परिवहन मंत्री अनिल विज से कई टूरिस्ट ऑपरेटरों ने मुलाकात कर इसमें संशोधन की मांग की थी। विज ने इस पर विमर्श किया और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की वैधता अवधि 12 साल करने का प्रस्ताव भेजा। प्रस्ताव को सीएम की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी गई। मंजूरी के बाद यह नियम हरियाणा मोटर यान (संशोधन) नियम-2026 हो जाएगा।
स्कूल बस व कैरिज वाहनों के लिए अलग नियम
स्टेज कैरिज, अनुबंध कैरिज, माल कैरिज, स्कूल बस समेत अन्य वाहनों के परमिट के लिए भी नियम तय किए गए हैं। पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्टि्रक व स्वच्छ ईंधन के मामले में 15 साल व डीजल वाहनों के मामले में दस साल की वैधता तय की गई है। गैर एनसीआर क्षेत्र में डीजल वाहनों की वैधता भी 15 साल रहेगी।
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