Kitchen Tips: स्वास्थ्य सुझावों के अनुसार टमाटर, आलू, गूंथा आटा और अदरक-लहसुन का पेस्ट फ्रिज में रखना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इन चीजों को फ्रिज में रखने से इनका पोषण खत्म हो जाता है और बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है.
हम में से ज़्यादातर लोग यही सोचते हैं कि फ्रिज हर चीज़ को सुरक्षित रखता है. बचा हुआ खाना हो, सब्ज़ी हो या आधा कटा नींबू, सब कुछ सीधे फ्रिज में डाल दिया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ चीज़ें फ्रिज में रखने से फायदा नहीं, बल्कि नुकसान हो सकता है? दरअसल, हर खाद्य पदार्थ की अपनी प्रकृति होती है. कुछ चीज़ें ठंडक में सुरक्षित रहती हैं, तो कुछ का स्वाद, पोषण और गुण कम तापमान में बिगड़ जाते हैं. कई बार हम अनजाने में ऐसी गलती कर बैठते हैं जिससे खाने का फ्लेवर चला जाता है या उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं.

टमाटर को फ्रिज में रखने से उसका प्राकृतिक स्वाद और बनावट प्रभावित होती है. ठंडा तापमान टमाटर की झिल्ली और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे वह अंदर से गलकर नरम और बेस्वाद हो सकता है. पोषण के नजरिए से भी यह सही नहीं है, क्योंकि टमाटर में मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट ‘लाइकोपीन’ (जो दिल और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होता है) कम तापमान में अपनी गुणवत्ता खोने लगता है. विशेषज्ञों के अनुसार, टमाटर का भरपूर स्वाद और पोषण पाने के लिए इसे कमरे के तापमान पर टोकरी में खुला रखना ही सबसे बेहतर तरीका है.

अक्सर हम समय बचाने के लिए अदरक-लहसुन का पेस्ट बनाकर फ्रिज में रख देते हैं और यह मान लेते हैं कि यह पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत हो सकती है; यदि इस पेस्ट को सही एयरटाइट कंटेनर में न रखा जाए, तो फ्रिज की नमी के कारण इसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है. लंबे समय तक स्टोर किया गया ऐसा पेस्ट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है और फूड पॉइजनिंग का कारण भी बन सकता है. इसकी ताजगी बनाए रखने के लिए पेस्ट को कम मात्रा में ही बनाना चाहिए, या फिर इसमें थोड़ा तेल और नमक मिलाकर पूरी तरह सील करके रखना चाहिए ताकि इसे सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सके.
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अक्सर रोटियां बनाने के बाद आटा बच जाने पर उसे फ्रिज में रख देना एक आम आदत है. लेकिन गूंथे हुए आटे को लंबे समय तक फ्रिज में रखने से उसमें खमीर (fermentation) उठने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. इस प्रक्रिया के कारण आटा धीरे-धीरे खट्टा होकर सड़ने लगता है, जो सेहत के लिए हानिकारक है. ऐसे आटे की बनी रोटियां खाने से पेट में गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग (पेट फूलना) जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से हमेशा ताज़ा आटा गूंथकर ही इस्तेमाल करना सबसे बेहतर रहता है. यदि मजबूरी में आटा स्टोर करना ही पड़े, तो इसे 2 से 3 घंटे से अधिक फ्रिज में न रखें.

कटा हुआ नींबू अक्सर फ्रिज में खुला ही छोड़ दिया जाता है, जो स्वास्थ्य और स्वाद दोनों के लिहाज से गलत है. हवा के सीधे संपर्क में आने के कारण नींबू ‘ऑक्सिडाइज’ (Oxidize) हो जाता है, जिससे उसकी ताजगी और विटामिन-सी की मात्रा कम हो जाती है. यदि इसे बिना ढके रखा जाए, तो फ्रिज में मौजूद नमी के कारण इस पर हानिकारक बैक्टीरिया भी पनप सकते हैं. नींबू के प्राकृतिक गुणों को बनाए रखने के लिए इसे हमेशा एक एयरटाइट डिब्बे या कांच के कंटेनर में बंद करके रखना चाहिए और जितनी जल्दी हो सके इस्तेमाल कर लेना चाहिए.

आलू को फ्रिज में रखने से उसमें मौजूद स्टार्च प्राकृतिक रूप से शुगर में बदलने लगता है. इस प्रक्रिया के कारण आलू का स्वाद असामान्य रूप से मीठा हो जाता है और उसकी बनावट भी खराब हो सकती है. इसके अलावा, अत्यधिक ठंड में रखे गए आलू को जब उच्च तापमान पर पकाया जाता है, तो इसमें ‘एक्रिलामाइड’ (Acrylamide) नामक हानिकारक रसायन बनने की संभावना काफी बढ़ जाती है, जो सेहत के लिए सुरक्षित नहीं है. आलू की ताजगी और प्राकृतिक गुणों को बनाए रखने के लिए इसे किसी सूखी, अंधेरी और ठंडी जगह पर रखना ही सबसे उपयुक्त माना जाता है.
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