सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में आयोजित होने वाले 814वें उर्स को लेकर अजमेर पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतजाम किए हैं। उर्स के दौरान देश-विदेश से लाखों जायरीन अजमेर पहुंचते हैं। पूर्व में दरगाह को दो बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
उर्स के दौरान 5 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया जाएगा। दरगाह क्षेत्र और आसपास के इलाकों में फेस डिटेक्शन कैमरे, हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी, सर्विलेंस सिस्टम और अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरण लगाए जाएंगे। कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
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पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने शनिवार को पुलिस जाप्ते की बैठक कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उर्स के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है, ऐसे में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पूरे उर्स क्षेत्र को 11 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इन सेक्टरों में 17 एडिशनल एसपी, 34 डिप्टी एसपी, 64 थानाधिकारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल, क्यूआरटी, महिला पुलिस और खुफिया एजेंसियों के जवान तैनात रहेंगे। हर सेक्टर में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था संचालित होगी।
प्रशासन का उद्देश्य है कि उर्स के दौरान जायरीन शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में दरगाह में जियारत कर सकें। पुलिस ने आमजन से भी सहयोग की अपील की है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने का आग्रह किया है।
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