सागर जिले के ढाना रेंज अंतर्गत हिलगन गांव के पास रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल में एक पूर्ण विकसित बाघ का शव मिला। रिहायशी इलाके के पास बाघ की मौत की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। फिलहाल, वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
बाघ का शव मिलने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में उसे करीब से देखने की होड़ मच गई। सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी करते हुए ग्रामीण बाघ के शव के बेहद करीब पहुंच गए और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो में लोग बाघ के आसपास खड़े होकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। वन विभाग के पहुंचने से पहले घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा होने के कारण साक्ष्यों के प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही वन मंडल अधिकारी (DFO) और उनकी टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती तौर पर बाघ के शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान हैं या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। विभाग मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर जांच कर रहा है:
आपसी संघर्ष: क्या क्षेत्र में किसी दूसरे बाघ के साथ वर्चस्व की लड़ाई में इसकी जान गई?
शिकार की साजिश: क्या बाघ को जहर दिया गया या करंट लगाकर मारा गया?
प्राकृतिक मौत: क्या बाघ किसी बीमारी या उम्र से संबंधित कारणों से मरा?
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अधिकारियों का कथन
हमने बाघ के शव को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। विशेषज्ञों की टीम और डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है। मौत के असली कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। ग्रामीणों से अपील है कि वे जंगल के संवेदनशील इलाकों से दूर रहें। वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में सर्चिंग बढ़ा दी है। बाघ के शव का पोस्टमार्टम राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की गाइडलाइन के अनुसार किया जाएगा, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार होगा।
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