भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को खैरथल स्थित नगर परिषद सभागार में जिला, तहसील और नगरीय निकाय स्तर के नियमित सहायकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन अति. जिला कलेक्टर शिवपाल जाट ने सुबह 10 बजे किया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अति. जिला कलेक्टर ने कहा कि भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है और इसका सफल संचालन जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की दक्षता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।
उप जिला जनगणना अधिकारी एवं उप निदेशक, आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग ने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण में खैरथल जिले की 7 तहसीलों, 3 नगर परिषदों और 4 नगर पालिकाओं से एक-एक नियमित सहायक भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिला स्तर से चार नियमित सहायक/कार्मिक भी प्रशिक्षण में शामिल हुए हैं। सभी को जनगणना निदेशालय के निर्देशानुसार नामित किया गया है।
प्रशिक्षण 12 से 14 फरवरी तक आयोजित होगा। जनगणना निदेशालय से नियुक्त अधिकारी लोकेश मीना और दीपक प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों, फॉर्मेट, फील्ड स्तर की प्रक्रियाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षकों ने सटीक और समयबद्ध डेटा संकलन के महत्व पर विशेष जोर दिया। साथ ही, सीएमएमएस पोर्टल पर सूचनाओं के नियमित अपडेट, डेटा की शुद्धता और गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीकी प्रणाली के माध्यम से जनगणना कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है।
अति. जिला कलेक्टर ने उपस्थित सहायकों से प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता से लेने, सभी शंकाओं का समाधान करने और भविष्य में अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा से करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित कार्मिक ही जनगणना कार्य को त्रुटिरहित और सफल बना सकते हैं।
यह कार्यशाला आगामी जनगणना प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, तकनीकी रूप से सक्षम और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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