पंजाब सरकार के ऑपरेशन प्रहार के तहत जगरांव में बुधवार को दिन से लेकर रात तक पुलिस सड़कों पर नाकेबंदी करती रही, लेकिन हकीकत में अपराधियों पर इसका कोई असर नजर नहीं आया। थाना सिटी से चंद कदमों की दूरी पर और 24 घंटे पुलिस नाका होने के दावे वाली जगह पर हुई चोरी की वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
रायकोट अड्डा के नजदीक स्थित गर्ग क्लिनिक में अज्ञात चोर ग्रिल तोड़कर अंदर घुसे और करीब 10 हजार रुपये की नकदी के साथ सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी ले उड़े। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरों ने यह वारदात उस इलाके में की, जहां पुलिस की मौजूदगी का रोज दावा किया जाता है।
घटना का खुलासा सुबह उस वक्त हुआ, जब एक जानकार ने क्लिनिक की खिड़की का शीशा और ग्रिल टूटी देख डॉक्टर को सूचना दी। मौके पर पहुंचे क्लिनिक संचालक डॉ. रजिंदर गर्ग ने चोरी की पुष्टि की।
इस घटना के बाद इलाके के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस नाके के साए तले चोरी हो सकती है, तो बाकी शहर की सुरक्षा तो पूरी तरह राम भरोसे है। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि पुलिस आम जनता की तलाशी लेकर वाहवाही लूट रही है या फिर अपराधियों पर कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
ऑपरेशन प्रहार की इस कथित सख्ती के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जो जगरांव की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा रहा है।
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