शेरगढ़ गांव के रहने वाले 27 वर्षीय टिंकू का शव 16 दिन बाद अमेरिका से गांव पहुंचा। सोमवार शाम को युवक का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें ग्रामीण और सामाजिक संस्थाओं के लोग शामिल हुए। टिंकू की गत 28 दिसंबर को कैलिफोर्निया, अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
चाचा ओमप्रकाश ने बताया कि टिंकू करीब दो साल पहले ही अमेरिका गया था। अमेरिका भेजने के लिए परिवार ने करीब 40 लाख रुपये खर्च किए थे। उम्मीद थी कि उसकी कमाई से परिवार की स्थिति सुधरेगी लेकिन उसकी अचानक मौत ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया। शव को भारत लाने में भी करीब इतनी ही राशि खर्च करनी पड़ी।
अमेरिका में ट्रक चला रहा था युवक
ओमप्रकाश ने बताया कि टिंकू अमेरिका में ट्रक चलाने का काम करता था। 28 दिसंबर को ट्रक किसी अज्ञात वाहन से टकरा गया, जिसमें उसकी मौत हो गई। टिंकू डंकी रूट के रास्ते अमेरिका गया था। वह अविवाहित था और परिवार में अकेला कमाने वाला सदस्य था। दूसरा भाई गांव में ही रहता है। माता-पिता पहले ही नहीं रहे।
युवक का शव भारत लाने के लिए सोशल मीडिया पर अपील की गई और अमेरिका की एक संस्था से भी सहयोग लिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव में मातम का माहौल रहा। ग्रामीणों ने नम आंखों से टिंकू को अंतिम विदाई दी।
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