पिथौरागढ़ के सातशिलिंग इंटर कॉलेज में लगे शिविर में खाद्य आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या पहुंची तो लोगों ने सड़ा राशन बांटने पर आक्रोश जताया। लोगों ने इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर मंत्री रेखा आर्या ने जिला पूर्ति अधिकारी को तलब किया और जवाब मांगा।
शुक्रवार को इंटर कॉलेज सातशिलिंग में जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार के तहत बहुविभागीय शिविर आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में पहुंचे क्षेत्र के लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। सड़ा राशन बांटने का मामला भी प्रमुखता से उठा। मंत्री और अधिकारियों के सामने लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि सड़ा राशन बांटकर स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अंत्योदय के नाम पर आ रहे ऐसे राशन से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का अंत ही हो रहा है। जनता और अधिकारियों को मिलकर ऐसी दुकानों को सीज करना चाहिए।
इस पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने जिला पूर्ति अधिकारी को तलब किया। डीएसओ विनय कुमार ने बताया कि दो-तीन दुकानों में यह राशन पहुंचा था। इसे वापस मंगाकर इसकी जगह सही राशन भेज दिया गया है। इस मौके पर मेयर कल्पना देवलाल, दायित्वधारी गणेश भंडारी और अशोक नबियाल, जिलाधिकारी आशीष भटगांई, सीडीओ डॉ दीपक सैनी, एसडीएम मनजीत सिंह, डीएफओ आशुतोष सिंह, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेंद्र रावत आदि उपस्थित रहे। संवाद
मृतक का आधार कार्ड कैसे बनेगा
बहुविभागीय शिविर में क्षेत्रवासी चंद्र प्रकाश आदि ने विभागीय सुविधाओं का लाभ लेने में आ रही आधार कार्ड से संबंधित समस्या रखी। कहा कि आधार कार्ड बनने की प्रक्रिया साल 2012 से शुरू हुई, लेकिन यदि किसी के पिता की मौत 2010 या उससे पहले हो गई हो तो वह उनका आधार कार्ड कहां से लाएगा। इस पर मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने स्पष्ट किया कि केंद्र के नियमों में आधार कार्ड जरूरी है। इस तरह की समस्या के कारण कुछ आवेदन अटके हैं। इस समस्या को राजस्व परिषद में भी उठाया गया है। केंद्र से यह नियम हटते ही समस्या का समाधान होगा। फिलहाल यह जरूरी है तो आधार कार्ड लगाना ही पड़ेगा।
खेल मैदान, पानी, सड़क और टूटी नालियों के मुद्दे उठे
लोगों ने इस दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से खेल मैदान, पानी, सड़क और टूटी नालियों के निर्माण की भी मांग की। सल्मोड़ा निवासी मीना चंद ने बच्चों के लिए खेल मैदान न होने का मामला उठाया और खेल मंत्री से इसके निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस इंटर कॉलेज में शिविर हो रहा है, यहां हमारे बच्चों को खेलने के लिए मना कर दिया गया। बच्चे क्रिकेट व अन्य खेलों में आगे बढ़ना चाहते हैं। मैदान न होने से बच्चे कहां खेलेंगे इसका जवाब मंत्री और अधिकारियों को हमें देना होगा। खेल मंत्री ने इन्हें खेल मैदान निर्माण का आश्वासन दिया। उन्होंने बदहाल रास्तों को ठीक करने के साथ ही पेयजल की दिक्कत से छुटकारा दिलाने को कहा। शिविर में कई पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं की सहायता राशि के चेक और महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई।
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