पडरौना। शहर के गोस्वामी तुलसीदास इंटर कॉलेज से पंजीकृत 700 व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद इन सभी परीक्षार्थियों को वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में शामिल न करने की संस्तुति की गई है। साथ ही पंजीकरण केंद्र के नोडल अधिकारी विकास मणि त्रिपाठी और प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है।
मामला पत्राचार पाठ्यक्रम से जुड़े परीक्षार्थियों का है। जांच में पाया गया कि निर्धारित तिथि 20 सितंबर 2024 तक शुल्क संबंधित संस्थान में जमा नहीं किया गया। कई आवेदन पत्रों में आवश्यक विवरण अंकित नहीं थे, अर्हता प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किए गए थे तथा एक वर्षीय और दो वर्षीय पाठ्यक्रम से जुड़े प्रमाणपत्र भी अधूरे पाए गए। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जरूरी प्रमाणपत्रों पर अधिकृत हस्ताक्षर के स्थान पर प्रधान लिपिक के हस्ताक्षर पाए गए। साथ ही, पत्राचार शिक्षा संस्थान, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज से अनुमति लिए बिना पुराने प्रमाणपत्रों के क्रमांक उपयोग किए गए।
इन गंभीर अनियमितताओं पर परिषद के सचिव भगवती सिंह ने अपर सचिव, गोरखपुर को पत्र जारी कर 700 परीक्षार्थियों को अपात्र घोषित करने तथा उनकी प्रयोगात्मक परीक्षाओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पंजीकरण केंद्र के नोडल अधिकारी विकास मणि त्रिपाठी और प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है। इस कार्रवाई से छात्रों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। कई अभिभावकों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा बच्चों को क्यों भुगतना पड़े। विद्यार्थियों का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने की आशंका है।
गोस्वामी तुलसी दास इंटर कॉलेज को पत्राचार पाठ्यक्रम के तहत इंटरमीडिएट की परीक्षा का अग्रसारण केंद्र बनाया गया था। इस विद्यालय में पत्राचार पाठ्यक्रम के तहत परीक्षार्थियों की पात्रता समाप्त करने के लिए अभी तक जिले को पत्र नहीं मिला है। यदि पत्र मिलता है तो उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। – श्रवण कुमार गुप्ता, डीआईओएस
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