8 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का काम पूरा, सभी विभागों से एनओसी मिली
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। फरीदाबाद और गुरुग्राम को जोड़ने वाले बल्लभगढ़-सोहना रोड पर रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिलाने की दिशा में बड़ी और निर्णायक प्रगति हुई है। करीब 8 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का काम पूरा कर लिया गया है। सबसे अहम बात यह है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर वन विभाग, बिजली विभाग और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी मिल चुकी है। इससे अब इस परियोजना के धरातल पर उतरने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
करीब 550 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाला यह एलिवेटेड फ्लाईओवर ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा है। वहीं भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे आधुनिक मानकों पर डिजाइन किया गया है। यह परियोजना लंबे समय से चर्चा में थी और अब डीपीआर व एनओसी मिलने के बाद इसे शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
डीपीआर में तय हुआ पूरा रोडमैप
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुसार डीपीआर में फ्लाईओवर की लंबाई, चौड़ाई, डिजाइन, लागत और निर्माण की चरणबद्ध योजना को विस्तार से शामिल किया गया है। तकनीकी अध्ययन, ट्रैफिक सर्वे और भविष्य के यातायात दबाव का आकलन करने के बाद रिपोर्ट तैयार की गई है। डीपीआर में यह स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा सोहना रोड करीब 60 फुट चौड़ी है जिसे फोर लेन में तब्दील करना व्यावहारिक नहीं है। इसी वजह से एलिवेटेड फ्लाईओवर को सबसे उपयुक्त समाधान के रूप में चुना गया। रिपोर्ट के अनुसार फ्लाईओवर करीब साढ़े सात मीटर चौड़ा होगा जिससे तेज गति वाले वाहनों को बिना रुकावट निकलने का रास्ता मिलेगा।
सभी प्रमुख विभागों से मिली एनओसी
परियोजना के लिए वन विभाग, बिजली विभाग, नगर निगम और अन्य तकनीकी विभागों से आवश्यक एनओसी मिलना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद पर्यावरण से जुड़ी बाधाएं दूर हो गई हैं वहीं बिजली विभाग की मंजूरी से हाईटेंशन लाइनों और अन्य तकनीकी अड़चनों का समाधान तय कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ यह प्रक्रिया पूरी की गई, ताकि निर्माण के दौरान किसी तरह की प्रशासनिक या तकनीकी रुकावट न आए।
ऐसा होगा एलिवेटेड फ्लाईओवर का ढांचा
डीपीआर के मुताबिक, एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण मौजूदा 30 मीटर चौड़ी सड़क के ऊपर किया जाएगा। मजबूत खंभों और बीम के सहारे बनने वाले इस फ्लाईओवर पर ट्रैफिक को सिग्नल-फ्री तरीके से चलने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही दोनों तरफ करीब 19 मीटर चौड़ी सर्विस रोड प्रस्तावित है जिससे स्थानीय ट्रैफिक, दुकानदारों और कॉलोनियों में आने-जाने वाले लोगों को कोई परेशानी न हो। इस डिजाइन से ऊपर तेज रफ्तार ट्रैफिक और नीचे स्थानीय आवाजाही को अलग-अलग किया जा सकेगा।
प्रदूषण और ईंधन की खपत में आएगी कमी
बल्लभगढ़–सोहना रोड पर रोजाना हजारों वाहन चलते हैं। जाम के दौरान रुक-रुक कर चलने वाले वाहनों से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। एलिवेटेड फ्लाईओवर के चालू होने से वाहनों की गति सुचारु होगी जिससे ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे आसपास के रिहायशी इलाकों में वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा।
उद्योग और व्यापार को मिलेगा बड़ा फायदा
सरूरपुर, गाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र, जीवन नगर और आसपास की कॉलोनियों में स्थित उद्योगों के लिए यह परियोजना काफी अहम है। समय पर माल की आवाजाही सुनिश्चित होने से कारोबार को रफ्तार मिलेगी। व्यापारियों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जनप्रतिनिधियों की पहल लाई रंग
एनआईटी क्षेत्र के विधायक सतीश फागना ने एक साल पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष इस सड़क की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद लोक निर्माण विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए डीपीआर तैयार करवाई और सभी जरूरी एनओसी हासिल की। अब इस परियोजना को प्रशासनिक स्तर पर अगले चरण में ले जाने की तैयारी है, जिससे निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
फरीदाबाद के विकास को मिलेगी नई दिशा
एलिवेटेड फ्लाईओवर को फरीदाबाद के बुनियादी ढांचे में मील का पत्थर माना जा रहा है। बेहतर यातायात व्यवस्था से लोगों का समय बचेगा, प्रदूषण घटेगा और शहर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। डीपीआर पूरी होने और सभी एनओसी मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही यह परियोजना धरातल पर नजर आएगी और बल्लभगढ़-सोहना रोड पर सफर करना आसान, सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
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यह काफी बड़ा प्रोजेक्ट है इसलिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। करीब साढ़े पांच सौ करोड़ की लागत की परियोजना पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। -सतीश फागना, विधायक एनआईटी
यह कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा किया जा रहा है लेकिन अब इसे नूंह डिवीजन से पूरा किया जा रहा है। – चरणदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी गुरुग्राम
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