गाड़ी मालिक का नाम बदलवाने के लिए दस्तावेज देने पर हुआ मामले का खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जमानत बॉन्ड के लिए दी गाड़ी बेचने पर कंपनी को ब्याज समेत 5.53 लाख रुपये कंपनी को देने होंगे। गाड़ी खरीदते हुए कंपनी ने इस बात का दावा किया था कि गाड़ी के दस्तावेज में कोई कमी नहीं है। वह उस गाड़ी को अपने नाम करा सकते हैं लेकिन नाम कराने गए तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सदस्य खुशविंदर कौर ने दिया है।
सेक्टर-78 निवासी गौरव ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने कार ट्रेड एक्सचेंज सॉल्यूशन कंपनी से सेकंड हैंड स्विफ्ट डिजायर गाड़ी 5.53 लाख रुपये में खरीदी थी। जब वह उस गाड़ी अपने नाम कराने के लिए गाजियाबाद आरटीओ में पहुंचे तो वहां पर पता चला कि गाजियाबाद जिला अदालत में चल रहे एक मामले में उस गाड़ी को जमानत बॉन्ड के रूप में दी हुई है। ऐसे में उस गाड़ी को उनके नाम नहीं किया जा सकता। इसके बाद वह जब कंपनी में कहा कि वह गाड़ी के रुपये उन्हें वापस करें लेकिन कंपनी ने उनके रुपये वापस नहीं किए।
आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह 5.53 लाख रुपये नौ प्रतिशत की दर से शिकायतकर्ता को वापस करें। इस दौरान उन्हें हुई मानसिक परेशानी पर 50 हजार रुपये और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च के लिए 22 हजार रुपये दिए जाएं।
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