मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण रोहड़ू ने एचआरटीसी को मुआवजा देने के दिए आदेश
वर्ष 2020 में रोहड़ू के एसीसी पार्क के पास हुआ था हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। एचआरटीसी की बस से गिरकर जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों को 8,75,600 रुपये का मुआवजा मिलेगा। यह मुआवजा एचआरटीसी को देना होगा। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण रोहड़ू ने मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। मामले की याचिका रत्ती राम निवासी गांव नरैण तहसील टिक्कर जिला शिमला के परिजनों ने दाखिल की थी। याचिका के अनुसार, 2 अक्तूबर 2020 को रत्ती राम हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस में रोहड़ू से अपने गांव नरैण जा रहा था। दोपहर करीब 2:35 बजे जब बस एसीसी पार्क रोहड़ू के पास पहुंची, तो चालक और परिचालक की लापरवाही से रत्ती राम बस से गिर गया। उन्हें रोहड़ू अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया, जहां से आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। वहां उनकी मृत्यु हो गई। इस बारे में पुलिस थाना रोहड़ू में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज भी हुआ। मामले में एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक, बस के चालक और परिचालक को प्रतिवादी बनाया गया। प्रबंध निदेशक और चालक ने आपत्ति उठाते हुए याचिका का विरोध किया। जवाब में बताया कि रत्ती राम अवैध रूप और गैर-कानूनी तरीके से बस की छत पर चढ़ा। न तो चालक और न ही परिचालक को मृतक के बैठने के बारे में कोई जानकारी थी। यह भी कहा गया है कि मृतक के पास कोई टिकट नहीं था। वह गैर कानूनी तरीके से बस की छत पर पहुंचा था और उसने शराब पी थी। न्यायाधिकरण ने फैसले में बताया है कि इस मामले में यह संतोषजनक रूप से साबित हो गया है कि घटना की तारीख को बस को चालक लापरवाही और तेजी से चला रहे थे। इस कारण रत्ती राम को चोटें आईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी यह साफ साबित होता है कि रत्ती राम की मृत्यु बस से गिरने के कारण हुई थी। उपरोक्त मुद्दों पर निष्कर्षों के परिणामस्वरूप याचिका स्वीकार की जाती है। याचिकाकर्ता 8,75,600 रुपये के मुआवजे के साथ याचिका दाखिल करने की तारीख से एचआरटीसी से भुगतान होने तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज का हकदार है। हालांकि, यह स्पष्ट किया जाता है कि एचआरअीसी, चालक और परिचालक संयुक्त रूप से और अलग-अलग मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार हैं।
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