तरनतारन में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम ने गांव जंडोके सरहाली में चल रहे एक गैर-कानूनी नशा मुक्ति केंद्र पर छापा मारा। इस दौरान केंद्र में इलाज करा रहे 16 मरीजों को बचाकर सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया। यह कार्रवाई डिप्टी कमिश्नर राहुल के निर्देश और सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय के मार्गदर्शन में की गई। विशेष टीम का नेतृत्व सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट तरनतारन गुरमीत सिंह और डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. रूपम चौधरी ने किया। गुरमीत सिंह ने बताया कि यह नशा मुक्ति केंद्र बिना किसी अनुमति या पंजीकरण के संचालित हो रहा था। केंद्र चलाने वाले प्रमुख और अन्य कर्मचारियों के पास आवश्यक योग्यता भी नहीं थी। टीम में तहसीलदार गुरप्रीत सिंह, साइकैट्रिस्ट डॉ. ओम बंधन, एसएचओ सरहाली, फार्मेसी ऑफिसर वरिंदर भाटिया, काउंसलर परमिंदर सिंह और एएसआई शलिंद्र सिंह भी शामिल थे। डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. रूपम चौधरी ने जानकारी दी कि गैर-कानूनी केंद्र से बचाए गए सभी 16 मरीजों को स्वास्थ्य विभाग के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल कराया गया है। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू कर दिया है। जांच टीम ने गैर-कानूनी नशा छुड़ाओ सेंटर को तत्काल बंद कर दिया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। डॉ. चौधरी ने आम जनता और नशे के आदी व्यक्तियों के परिजनों से अपील की है कि वे इलाज के लिए केवल सरकारी या अधिकृत नशा मुक्ति केंद्रों का ही चयन करें और गैर-कानूनी केंद्रों से बचें।
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