25 साल से पिता कर रहे हैं टेलरिंग का काम
वहीं, विधान के पिता पिछले 25 सालों से टेलरिंग का काम करते आ रहे हैं. बचपन से घर में सिलाई मशीनों की आवाज, कपड़ों की कटिंग और डिजाइनिंग देखते हुए ही विधान बड़े हुए. यही माहौल उनके भीतर बिजनेस का बीज बो चुका था. उन्होंने सोचा कि क्यों न ऐसा काम शुरू किया जाए, जिसमें पूरा परिवार साथ दे सके और कुछ बड़ा खड़ा किया जा सके.
थोड़ी रिसर्च और योजना बनाने के बाद विधान ने टी-शर्ट मैन्युफैक्चरिंग का काम शुरू करने का फैसला किए. बैंक से लोन मिला और घर के ही दो कमरों में पूरा सेटअप तैयार हो गया. आज उसी छोटे से स्पेस में एक मिनी गारमेंट यूनिट चल रही है. यहां सिंगल नीडल सिलाई मशीन, इंटरलॉक मशीन, ओवरलॉक मशीन और प्रिंटिंग मशीन समेत चार प्रमुख मशीनें लगी हैं, जिन्हें विधान अपने माता-पिता और पत्नी के साथ मिलकर ऑपरेट करते हैं.
ग्राफिक डिजाइनिंग के हैं किंग
जानें उनके टी-शर्ट के ब्रांड का नाम
आज उनके ब्रांड का नाम ‘REECATE’ है. विधान बताते हैं कि इसका मतलब है री-क्रिएट करना, यानी साधारण चीजों को थोड़े अलग अंदाज देकर खास बना देना है. यही सोच उनके प्रोडक्ट्स में भी दिखती है. वह पोलो टी-शर्ट, राउंड नेक, ओवरशोल्डर और ऑफ शोल्डर जैसे कई स्टाइल्स तैयार करते हैं. अब उन्होंने यूनिक डिजाइन वाली टोपियां बनानी भी शुरू कर दिए हैं.
दुबई और सऊदी के लोग भी टी-शर्ट करते हैं पसंद
क्वालिटी उनकी सबसे बड़ी ताकत है. वह बताते हैं कि उनकी टी-शर्ट जहां ₹300 की प्रिंटिंग लागत में तैयार होती है. वहीं, वही मल्टी सीम प्रीमियम क्वालिटी बाजार में ₹1200 से ₹1500 तक बिकती है. दुबई और सऊदी के कुछ बिल्डर उनके रेगुलर कस्टमर हैं. इसके अलावा टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और रामकृष्ण फोर्जिंग जैसी बड़ी कंपनियों के लिए भी वे काम कर चुके हैं.
आज महीने की है 200000 की कमाई
इसके अलावा सोशल मीडिया ने उनके बिजनेस को नई उड़ान दी है. वह रोजाना व्लॉग बनाकर दिखाते हैं कि कैसे सुबह से शाम तक एक टी-शर्ट तैयार होती है. लोगों के फीडबैक से वह डिजाइन और क्वालिटी में लगातार सुधार करते हैं. आज विधान हर महीने दो लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं. यह सब शुरू हुआ था घर के दो कमरों और एक मजबूत इरादे से.
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