राजपुरा-अंबाला नेशनल हाईवे पर गांव चमारू स्थित अमेजन कंपनी के वेयरहाउस के पास हुए सड़क हादसे में कंपनी की एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना से गुस्साए सैकड़ों वर्करों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे के दोनों तरफ जाम लगा दिया, जिससे दिल्ली-अमृतसर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
गढ़शंकर के गांव गोलियां की रहने वाली नेहा सुबह काम पर जा रही थी कि तेज रफ्तार गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि गांव भप्पल और जनसूई निवासी दो अन्य युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं, उन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।
कंपनी वर्करों और भाजपा हलका घनौर के इंचार्ज विकास शर्मा ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी कंपनी होने के बावजूद वहां एंबुलेंस का कोई प्रबंध नहीं था। घायल युवतियों को निजी वाहनों के जरिये अस्पताल पहुंचाया गया। वर्करों ने आरोप लगाया कि कंपनी अधिकारियों ने मदद के बजाय बेरुखी दिखाई, जिसके कारण उन्हें हाईवे जाम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। मृतक नेहा की माता सरबजीत कौर की हालत बेहद नाजुक है। उन्होंने दोषी ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद खुला जाम
मौके पर पहुंचे शंभू पुलिस चौकी के इंचार्ज स्वर्ण सिंह ने प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया। पुलिस ने विश्वास दिलाया कि परिवार को उचित मुआवजा और न्याय दिलाया जाएगा। पुलिस के भरोसे के बाद करीब एक घंटे बाद यातायात बहाल हो सका।
डीएसपी घनौर ने हरमनप्रीत सिंह चीमा ने नेहा की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जो भी जायज मांगें हैं, उन्हें पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। युवती का शव पोस्टमार्टम के लिए राजपुरा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
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