मारपीट मामले में 5 महीने बाद कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज किया गया है
सोनीपत में मारपीट और धमकी के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। खरखौदा के एक व्यक्ति द्वारा दायर शिकायत पर एसडीजेएम खरखौदा की अदालत ने थाना खरखौदा को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के करीब पांच महीने बाद
कोर्ट में दायर कर लगाई थी गुहार
गांव झरोठी के रहने वाले रामबीर ने एसडीजेएम खरखौदा की अदालत में शिकायत दायर की थी। इसमें उसने मोन्टी, आनंद और प्रीत उर्फ मोनिया पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया कि आरोपी लंबे समय से जमीन विवाद को लेकर रंजिश रखे हुए हैं और लगातार दबाव बना रहे हैं।
शिकायत के अनुसार 28 जून 2025 को आरोपियों ने दीवार का बहाना बनाकर रामबीर से झगड़ा शुरू किया। उस समय मामला शांत हो गया, लेकिन कुछ ही देर बाद आरोपियों ने दोबारा हमला कर दिया।
कोर्ट के आदेश के करीब पांच महीने बाद अलग- अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है
पति-पत्नी के साथ गली में मारपीट
शिकायतकर्ता ने बताया कि दोपहर करीब 1:30 बजे जब वह और उसकी पत्नी बबीता गली से गुजर रहे थे, तभी तीनों आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। दोनों को गली में गिराकर लात-घूंसों और मुक्कों से बुरी तरह पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। इस हमले में दोनों को गंभीर चोटें आईं।
बेटों के साथ भी की गई मारपीट
दोपहर करीब 3 बजे जब रामबीर के बेटे साहिल और अंकित खेत से घर लौटे और घटना की जानकारी मिली, तो वे आरोपियों से बात करने उनके घर गए। आरोप है कि वहां भी दोनों बेटों के साथ मारपीट की गई और उन्हें भी चोटें पहुंचाई गईं। इसके बाद पूरे परिवार ने खरखौदा के सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया।
पुलिस पर पक्षपात का आरोप
रामबीर का आरोप है कि मेडिकल और शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा पुलिस ने रामबीर और उसके बेटों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़ित पक्ष ने इसे जांच अधिकारी द्वारा पद के दुरुपयोग का मामला बताया।
धमकियों का सिलसिला जारी रहने का दावा
शिकायत में कहा गया कि पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी खुलेआम ताने मार रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि पिटाई भी कर दी और मुकदमा भी पीड़ितों पर ही दर्ज हो गया। साथ ही भविष्य में दोबारा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। अदालत का आदेश, एफआईआर दर्ज
मामले की सुनवाई के बाद एसडीजेएम खरखौदा ने शिकायत को गंभीर मानते हुए थाना खरखौदा को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत ने एसएचओ से कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब की थी। अदालत के आदेश पर थाना खरखौदा में धारा 115, 126, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया और मामले की आगे की जांच हेड कॉन्स्टेबल विकास को सौंपी गई है। जांच और कार्रवाई पर नजर अब पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.